गुप्तकाशी / देहरादून:
उत्तराखंड में सैलाब के बाद फंसे हुए लोगों को निकालने का काम आज भी युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि इसमें मौसम की वजह से थोड़ी रुकावट भी आई। आज कई इलाकों में मौसम आंख मिचौली कर रहा है। कई जगह बादल और हल्की बारिश की वजह से विमानों और चॉपर की आवाजाही में मुश्किलें आईं, लेकिन जहां मौसम साफ है वहां से लोगों का निकालने का काम किया जा रहा है। दूसरी तरफ सेना के जवान और दूसरे बचाव दल लोगों को सड़क के रास्ते निकालने में जुटे हुए हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।
उत्तराखंड में आए सैलाब में मरने वालों की तादाद 680 तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि अब जिस तरह शव मिल रहे हैं, उनको देखते हुए लग रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा एक हजार तक पहुंच सकता है।
राज्य में कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश भी हुई, खासकर गुप्तकाशी में सुबह घने बादल छाए हुए थे, लेकिन बाद में मौसम साफ हो गया। आशंका है कि 24 घंटे के बाद इन इलाकों में एक बार फिर बारिश हो सकती है। जाहिर है ऐसे में बचाव और राहत कार्य के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। शनिवार को केदारनाथ मंदिर परिसर से 123 शवों को निकाला गया।
बरकोट से 900 लोगों को आज बाहर निकाले जाने की उम्मीद है। हेमकुंड साहिब में करीब सौ लोग फंसे तो हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं और खाने-पीने का सामान भी वहां हैं। केदारनाथ के रास्ते में फंसे कम से कम 300 और लोगों को आज बाहर निकाले जाने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में आए सैलाब में मरने वालों की तादाद 680 तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि अब जिस तरह शव मिल रहे हैं, उनको देखते हुए लग रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा एक हजार तक पहुंच सकता है।
राज्य में कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश भी हुई, खासकर गुप्तकाशी में सुबह घने बादल छाए हुए थे, लेकिन बाद में मौसम साफ हो गया। आशंका है कि 24 घंटे के बाद इन इलाकों में एक बार फिर बारिश हो सकती है। जाहिर है ऐसे में बचाव और राहत कार्य के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। शनिवार को केदारनाथ मंदिर परिसर से 123 शवों को निकाला गया।
-------लापता लोगों की सूची-------
राज्य और केंद्र सरकार के मुताबिक कई एजेंसियों के साझा ऑपरेशन में अब तक 70 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा चुका है, जबकि अब भी करीब 20 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालना बाकी है। बद्रीनाथ में अब भी आठ हज़ार लोगों के फंसे हो सकते हैं, जबकि पिथौरागढ़ में एक हजार लोग फंसे हैं, जिन्हें बाहर निकाला जाना बाकी है।
राज्य और केंद्र सरकार के मुताबिक कई एजेंसियों के साझा ऑपरेशन में अब तक 70 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा चुका है, जबकि अब भी करीब 20 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालना बाकी है। बद्रीनाथ में अब भी आठ हज़ार लोगों के फंसे हो सकते हैं, जबकि पिथौरागढ़ में एक हजार लोग फंसे हैं, जिन्हें बाहर निकाला जाना बाकी है।
बरकोट से 900 लोगों को आज बाहर निकाले जाने की उम्मीद है। हेमकुंड साहिब में करीब सौ लोग फंसे तो हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं और खाने-पीने का सामान भी वहां हैं। केदारनाथ के रास्ते में फंसे कम से कम 300 और लोगों को आज बाहर निकाले जाने की उम्मीद है।
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