
उमर खालिद... (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के पांच आरोपी छात्रों में शामिल उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की बीती रात गिरफ्तारी के बाद आज कोर्ट में पेशी है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने कहा कि रिमांड के लिए पेशी मजिस्ट्रेट के सामने इस तरह कराई जाए कि ज्यादा लोगों को पता ना चले। यहां मीडिया मौजूद हैं, उन्हें बुरा लग सकता है लेकिन पेशी इस तरह हो कि मीडिया को भी पता ना चले। पेशी के दौरान ऐसे इंतजाम हों कि आरोपियों को खरोंच तक ना आए।
जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के पांच आरोपी छात्रों में शामिल उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य से पुलिस ने रातभर थाने में पूछताछ की है। बीती देर रात दोनों छात्रों ने कई दिनों से फरारी के बाद जेएनयू गेट के बाहर सरेंडर कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा कारणों के मद्देनजर थाने में ही इनका मेडिकल टेस्ट भी हुआ। इनसे पूछा गया कि 9 फरवरी की रात उनके साथ और कौन-कौन थे और नारेबाज़ी का मकसद क्या था? आज दोनों छात्रों को पटियाला कोर्ट में पेश किया जा सकता है। खबर यह भी है कि सुरक्षा कारणों से इन दोनों छात्रों की कोर्ट में पेशी के बजाए थाने में ही कोर्ट रूम बनाया जा सकता है।
बाकी तीन छात्र अभी भी यूनिवर्सिटी में
वहीं बाकी तीन छात्र अभी भी यूनिर्विसिटी में ही हैं। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि छात्र कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। हाईकोर्ट में आज भी उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की उस याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें सुरक्षा की मांग की गई है।
ये लोग खुद ही सरेंडर करना चाहते थे : जेएनयू प्रोफेसर अजय पटनायक
छात्रों के सरेंडर किए जाने के बाबत जेएनयू के प्रोफेसर अजय पटनायक ने कहा कि 'ये लोग खुद ही सरेंडर करना चाहते थे, इसलिए कोर्ट के समक्ष गए थे। लिहाजा, कोर्ट के आदेशानुसार इन लोगों ने सरेंडर किया।' उन्होंने कहा कि 'इनके देर रात सरेंडर किए जाने के बाद उम्मीद है कि ये लोग सुरक्षित रहेंगे और इनके साथ ऐसा न हो जैसा कि कन्हैया के साथ हुआ। इस मामले में टीचर एसोसिएशन की मांग है कि मामले की आंतरिक जांच हो और छात्र उसमें सहयोग करते हुए अपना पक्ष रखें।' वीडियो के बाबत उनका कहना है कि 'देशविरोधी नारेबाजी करने वालों के समर्थन में हम लोग नहीं हैं, लेकिन नारेबाजी करने वाले कौन लोग थे ये इंक्वायरी कमेटी द्वारा पता लगाया जाएगा।'
जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के पांच आरोपी छात्रों में शामिल उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य से पुलिस ने रातभर थाने में पूछताछ की है। बीती देर रात दोनों छात्रों ने कई दिनों से फरारी के बाद जेएनयू गेट के बाहर सरेंडर कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा कारणों के मद्देनजर थाने में ही इनका मेडिकल टेस्ट भी हुआ। इनसे पूछा गया कि 9 फरवरी की रात उनके साथ और कौन-कौन थे और नारेबाज़ी का मकसद क्या था? आज दोनों छात्रों को पटियाला कोर्ट में पेश किया जा सकता है। खबर यह भी है कि सुरक्षा कारणों से इन दोनों छात्रों की कोर्ट में पेशी के बजाए थाने में ही कोर्ट रूम बनाया जा सकता है।
बाकी तीन छात्र अभी भी यूनिवर्सिटी में
वहीं बाकी तीन छात्र अभी भी यूनिर्विसिटी में ही हैं। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि छात्र कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। हाईकोर्ट में आज भी उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की उस याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें सुरक्षा की मांग की गई है।
ये लोग खुद ही सरेंडर करना चाहते थे : जेएनयू प्रोफेसर अजय पटनायक
छात्रों के सरेंडर किए जाने के बाबत जेएनयू के प्रोफेसर अजय पटनायक ने कहा कि 'ये लोग खुद ही सरेंडर करना चाहते थे, इसलिए कोर्ट के समक्ष गए थे। लिहाजा, कोर्ट के आदेशानुसार इन लोगों ने सरेंडर किया।' उन्होंने कहा कि 'इनके देर रात सरेंडर किए जाने के बाद उम्मीद है कि ये लोग सुरक्षित रहेंगे और इनके साथ ऐसा न हो जैसा कि कन्हैया के साथ हुआ। इस मामले में टीचर एसोसिएशन की मांग है कि मामले की आंतरिक जांच हो और छात्र उसमें सहयोग करते हुए अपना पक्ष रखें।' वीडियो के बाबत उनका कहना है कि 'देशविरोधी नारेबाजी करने वालों के समर्थन में हम लोग नहीं हैं, लेकिन नारेबाजी करने वाले कौन लोग थे ये इंक्वायरी कमेटी द्वारा पता लगाया जाएगा।'
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