
उमा भारती की फाइल फोटो
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा, 'वह साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि भारत में एक हजार साल बाद पैदा हुए एक मसीहा हैं, जिसकी भारत को जरूरत थी।'
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'पिछले 29 सालों में गंगा विकास के नाम पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन यदि मनमोहन सिंह से इसके बाद में पूछा जाए तो वह कहेंगे 'मैंनू की पता' मगर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे हैं, जो कहते हैं, ‘मैंनू सब पता है’ क्योंकि उनके पास हर सवाल का जवाब है। भारत की सब समस्याओं का जवाब है।'
प्रधानमंत्री कार्यालय में सत्ता के केंद्रीकरण के विपक्ष के आरोप पर बोलते हुए भारती ने कहा कि पूर्व सरकार रिमोट द्वारा कहीं और से संचालित होती थी और उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के स्वतंत्र रूप से कार्य करने पर अजीब लग रहा है।
उमा भारती ने कहा कि विपक्ष उनपर भगवाकरण के साथ काम करने का आरोप लगाता है, लेकिन यह उनकी समझ से परे है कि आखिर भगवाकरण क्या है? सरस्वती और गंगा नदी से जुड़ी परियोजनाओं में सिर्फ विकास को देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे हिन्दू और मुस्लिम दोनों रहते हैं और यह नदी पचास करोड़ लोगों की आजीविका उत्पन्न करती है। इस परियोजना में कोई भगवा एजेंडा नहीं बल्कि आर्थिक विकास का एजेंडा है।
केंद्रीय मंत्री ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी द्वारा केंद्र की 'नमामी गंगे परियोजना' पर दिए गए बयान पर कहा, 'जोशी जी पिता तुल्य हैं, मैं उनसे मिलकर मार्गदर्शन प्राप्त कंरूगी, कोई सुधार जरूरी हुआ तो वह भी अवश्य होगा।'
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'पिछले 29 सालों में गंगा विकास के नाम पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन यदि मनमोहन सिंह से इसके बाद में पूछा जाए तो वह कहेंगे 'मैंनू की पता' मगर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे हैं, जो कहते हैं, ‘मैंनू सब पता है’ क्योंकि उनके पास हर सवाल का जवाब है। भारत की सब समस्याओं का जवाब है।'
प्रधानमंत्री कार्यालय में सत्ता के केंद्रीकरण के विपक्ष के आरोप पर बोलते हुए भारती ने कहा कि पूर्व सरकार रिमोट द्वारा कहीं और से संचालित होती थी और उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के स्वतंत्र रूप से कार्य करने पर अजीब लग रहा है।
उमा भारती ने कहा कि विपक्ष उनपर भगवाकरण के साथ काम करने का आरोप लगाता है, लेकिन यह उनकी समझ से परे है कि आखिर भगवाकरण क्या है? सरस्वती और गंगा नदी से जुड़ी परियोजनाओं में सिर्फ विकास को देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे हिन्दू और मुस्लिम दोनों रहते हैं और यह नदी पचास करोड़ लोगों की आजीविका उत्पन्न करती है। इस परियोजना में कोई भगवा एजेंडा नहीं बल्कि आर्थिक विकास का एजेंडा है।
केंद्रीय मंत्री ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी द्वारा केंद्र की 'नमामी गंगे परियोजना' पर दिए गए बयान पर कहा, 'जोशी जी पिता तुल्य हैं, मैं उनसे मिलकर मार्गदर्शन प्राप्त कंरूगी, कोई सुधार जरूरी हुआ तो वह भी अवश्य होगा।'
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