टूलकिट केस : 9 मार्च तक शांतनु मुलुक को गिरफ्तार नहीं कर सकती दिल्ली पुलिस, कोर्ट से मिली सुरक्षा

टूलकिट केस में आरोपी शांतनु के वकील ने कोर्ट से बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस का जवाब अभी मिला नहीं है और उन्हें 7 दिन का और अतिरिक्त समय चाहिए. शांतनु की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी.

टूलकिट केस : 9 मार्च तक शांतनु मुलुक को गिरफ्तार नहीं कर सकती दिल्ली पुलिस, कोर्ट से मिली सुरक्षा

शांतनु मुलुक को 9 मार्च तक गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन मिल गई है.

नई दिल्ली:

टूलकिट मामले में आरोपी शांतनु मुलुक को पटियाला हाउस कोर्ट ने गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन दे दी है. शांतनु को 9 मार्च तक सुरक्षा मिली है, तब तक दिल्ली पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती है. इसके पहले महाराष्ट्र की एक कोर्ट ने उन्हें ट्रांजिट अंतरिम जमानत दी थी. शांतनु की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी. 

आरोपी शांतनु के वकील ने कोर्ट से बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस का जवाब अभी मिला नहीं है और उन्हें 7 दिन का और अतिरिक्त समय चाहिए. उन्होंने कहा कि 'जब भी पुलिस आरोपी शांतनु को पूछताछ के लिए बुलाया जाता है, वो हाजिर होते हैं. सुबह 10 बजे से जबतक वो करना चाहते हैं, वो पूछताछ करते हैं.' 

वहीं, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि जांच अभी भी लगातार चल रही है. पुलिस लगातार शांतनु से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने कहा कि वो कोर्ट में सबकुछ डिटेल में फाइल करना चाहती है. ऐसे में कोर्ट ने शांतनु को गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन दी है.

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बता दें कि टूलकिट केस में पुलिस ने अबतक 22 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया था, जिन्हें मंगलवार को रिहा कर दिया गया है. दिशा लगभग 10 दिनों तक पुलिस की हिरासत में रही थीं. पुलिस ने दिशा रवि, शांतनु और तीसरी आरोपी निकिता जैकब को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की थी. रिहा होने से पहले दिशा की पुलिस कस्टडी बढ़ाई भी गई थी. 

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पुलिस का आरोप है कि किसान आंदोलन की आड़ में देश में अस्थिरता फैलाने के लिए एक खालिस्तानी संगठन की शह पर एक टूलकिट यानी गूगल डॉक्यूमेंट में साजिश रची गई थी और इन तीनों आरोपियों ने उस डॉक्यूमेंट को एडिट और सर्कुलेट किया था.