टूलकिट केस - रिपब्लिक डे से पहले 'ट्विटर स्टॉर्म' पैदा करना था मकसद : दिल्ली पुलिस सूत्र

टूलकिट मामले में निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. वहीं, दिशा रवि को गिरफ्तार किया है, जिसे कोर्ट ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. 

खास बातें

  • निकिता जैकब पहले भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं
  • रिपब्लिक डे के पहले एक ज़ूम मीटिंग हुई : सूत्र
  • मीटिंग में एमओ धालीवाल,निकिता और दिशा के अलावा अन्य लोग शामिल
नई दिल्ली:

टूलकिट मामले (Toolkit Case) में दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरू से क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि (Disha Ravi) को गिरफ्तार कर रविवार को अदालत में पेश किया. टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि आरोपियों का मकसद गणतंत्र दिवस से पहले 'टि्वटर स्टॉर्म' पैदा करना था. इस मामले में निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. वहीं, दिशा रवि को गिरफ्तार किया है, जिसे कोर्ट ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. 

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खालिस्तान संगठन से जुड़े 'Poetic Justice Foundation के एमओ धालीवाल ने अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिये निकिता जैकब से संपर्क किया. मकसद ये था कि गणतंत्र दिवस के पहले ट्विटर स्टॉर्म पैदा करना. निकिता जैकब पहले भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं. रिपब्लिक डे के पहले एक ज़ूम मीटिंग हुई. इस मीटिंग में एमओ धालीवाल, निकिता और दिशा के अलावा अन्य लोग शामिल हुए. 

सूत्रों के मुताबिक, एमओ धालीवाल ने कहा कि मुद्दे को बड़ा बनाना है. मकसद ये था कि किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना है. यहां तक कि एक किसान की मौत को पुलिस की गोली से हुई मौत बताया गया. 26 जनवरी की हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी और एक्टिविस्ट से संपर्क किया गया चूंकि दिशा ग्रेटा को जानती थीं इसलिए उसकी मदद ली गयी. 

READ ALSO:  क्या होता है टूलकिट? किसान आंदोलन में ग्रेटा थनबर्ग से लेकर दिशा रवि तक क्यों आईं लपेटे में?

सूत्रों ने बताया कि 4 दिन पहले स्पेशल सेल की टीम निकिता जैकब के घर गयी थी. उसके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई. उस वक्त शाम हो गयी थी इसलिए निकिता से पूछताछ नहीं की गई. टीम ने कहा कि वो कल फिर आएंगे, लेकिन जब अगले दिन स्पेशल सेल की टीम निकिता के यहां पहुंची तो वो गायब मिली. निकिता जैकब फरार हैं. उसके खिलाफ पुलिस ने गैर ज़मानती वारंट (NBW) जारी करवाया. निकिता पेशे से वकील हैं. इस मामले में शांतनु के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हुआ है. 

कौन है शांतनु?
शांतनु महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है. वह दिशा रवि और निकिता जैकब का करीबी है. आरोप है कि शांतनु ने भी टूलकिट में कुछ चीजें जोड़ी और उन्हें आगे सर्कुलेट किया. शांतनु के घर पर भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने छापेमारी की, लेकिन वह फरार है. स्पेशल सेल की टीम ने शांतनु के माता पिता से भी बातचीत की और शांतनु के बारे में जानकारी जुटाई है.


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com