शिमला:
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में स्थापित सरकार के नियंत्रण वाले पनबिजली संयंत्र में एक वाल्व में हुए विस्फोट में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई।
राजधानी शिमला से 420 किलोमीटर दूर काजा कस्बे में स्थापित रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना में रविवार रात यह दुर्घटना हुई। तीन इंजीनियर संजय कुमार, विजय कुमार और सतीश संयंत्र में नया टरबाइन लगाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय यह हादसा हुआ।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, टरबाइन में पानी की आपूर्ति करने वाले संयंत्र के मुख्य इंटेल वाल्व में विस्फोट हो गया, जिससे तीनों इंजीनियरों की टरबाइन में दबकर मौत हो गई।
काजा के लिए बिजली आपूर्ति करने वाला यह जलविद्युत संयंत्र 20 साल से भी ज्यादा पुराना था। संयंत्र की मशीनें पुरानी हो चुकी थीं, इसलिए चार सालों से यह बंद थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसकी मरम्मत का काम जारी था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 19 जून को संयंत्र का मुआयना करने काजा जाएंगे।
राजधानी शिमला से 420 किलोमीटर दूर काजा कस्बे में स्थापित रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना में रविवार रात यह दुर्घटना हुई। तीन इंजीनियर संजय कुमार, विजय कुमार और सतीश संयंत्र में नया टरबाइन लगाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय यह हादसा हुआ।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, टरबाइन में पानी की आपूर्ति करने वाले संयंत्र के मुख्य इंटेल वाल्व में विस्फोट हो गया, जिससे तीनों इंजीनियरों की टरबाइन में दबकर मौत हो गई।
काजा के लिए बिजली आपूर्ति करने वाला यह जलविद्युत संयंत्र 20 साल से भी ज्यादा पुराना था। संयंत्र की मशीनें पुरानी हो चुकी थीं, इसलिए चार सालों से यह बंद थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसकी मरम्मत का काम जारी था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 19 जून को संयंत्र का मुआयना करने काजा जाएंगे।
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