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This Article is From Sep 27, 2018

Supreme Court verdict on Adultery : चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा- महिला का मास्टर नहीं होता है पति , फैसले की 10 बातें

व्यभिचार कानून की वैधता (Supreme Court verdict on Adultery under Section 497) पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया है.

Supreme Court verdict on Adultery : चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा- महिला का मास्टर नहीं होता है पति , फैसले की 10 बातें
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो.
नई दिल्ली:
  1. 157 साल पुराने व्यभिचार कानून को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया
  2. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं 
  3. सुप्रीम कोर्ट ने व्यभिचार कानून को बताया असंवैधानिक , कहा-चीन, जापान, ब्राजील में ये अपराध नहीं
  4. चीफ जस्टिस ने कहा-व्यभिचार  कानून महिला के जीने के अधिकार पर असर डालता है.
  5. चीफ जस्टिस ने कहा-इसमें कोई संदेह नहीं कि व्यभिचार तलाक का आधार हो सकता है, मगर यह अपराध नहीं हो सकता
  6. CJI बोले- भारतीय संविधान की खूबसूरती ये है कि ये I, me and U को शामिल करता है
  7. प्रधान न्यायाधीश  दीपक मिश्रा ने 157 साल पुराने व्यभिचार कानून को बताया मनमना
  8. सुप्रीम कोर्ट ने कहा-जो भी सिस्टम महिला की गरिमा से विपरीत या भेदभाव करता है वो संविधान के wrath को आमंत्रित करता है. जो प्रावधान महिला के साथ गैरसमानता का बर्ताव करता है वो अंसवैंधानिक है
  9. पांच में से दो जज  व्यभिचार कानून को रद्द करने को लेकर हुए एकमत. बहुमत से दिया फैसला
  10. सुप्रीम कोर्ट ने कहा-यह पूर्णता निजता का मामला है, महिला को समाज की चाहत के हिसाब से सोचने को नहीं कहा जा सकता.
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