
कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ आंदोलित किसान नेता केंद्र सरकार के वार्ता के प्रस्ताव को लेकर चर्चा में जुट गए हैं. किसान नेताओं की सोमवार को कोई बैठक नहीं हुई. तय हुआ कि सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर केंद्र के न्योते को लेकर पंजाब और देश भर के किसान नेता मंगलवार को बैठक करेंगे. बैठक में केंद्र सरकार के वार्ता के न्योते को लेकर निर्णय की उम्मीद है.
भारतीय किसान यूनियन दोआबा के प्रमुख और पंजाब के किसान नेता मंजीत सिंह रॉय का कहना है कि आंदोलन (Farmers protest) को लेकर आगे की रणनीति के लिए पंजाब के किसान नेताओं और राष्ट्रीय किसान नेताओं के बीच यह अहम बैठक होगी. इस बैठक में सरकार के नए पत्र जिसमें किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया है,उस पर चर्चा होगी. किसान नेताओं के मुताबिक, सरकार बार-बार बातचीत की बात कहकर लगातार किसानों की मांगों को टाल रही है. सरकार फौरन कृषि बिल रद्द करे. किसान नेताओं का कहना है कि हम 6 महीने यहीं बैठे रहेंगे. आढ़तियों और किसानों पर आयकर विभाग की छापेमारी को बदले की कार्रवाई बताया गया है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार औऱ किसान नेताओं के बीच छह दौर की वार्ता हो चुकी है. लेकिन अभी तक गतिरोध का कोई हल नहीं निकला है. सरकार कृषि कानूनों को लेकर किसानों की आपत्तियां तो दूर करने को तैयार है, लेकिन इन्हें पूरी तरह वापस लेने के पक्ष में नहीं है. आंदोलन किसानों की मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस ले.
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