
2002 बैच के वन सेवा अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को रैमन मैग्सेसे अवार्ड देने की घोषणा हुई है। वह दूसरे सर्विंग ब्यूरोक्रेट हैं, जिन्हें इस अवार्ड से नवाजा गया। इससे पहले किरण बेदी को यह अवॉर्ड दिया गया था। इसके अलावा एनजीओ 'गूंज' के संस्थापक अंशु गुप्ता को भी मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
चतुर्वेदी एम्स में कई भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं और पिछले साल जब उन्हें एम्स के सीवीओ पद से हटाया गया तो बड़ा विवाद हुआ था। चतुर्वेदी मूलत: हरियाणा काडर के अफसर हैं। वहां भी उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चतुर्वेदी को अपने ओएसडी यानि ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर नियुक्त करने के लिए केंद्र से गुज़ारिश की है जो फिलहाल विचाराधीन है।
वहीं अंशु गुप्ता को अपनी सकारात्मक दूरदर्शिता के साथ कपड़े को गरीबों के लिए एक टिकाऊ संसाधन की तरह इस्तेमाल करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। एनडीटीवी से बात करते हुए अंशु ने कहा "मैं अभिभूत हूं। मुझे लगता है इस तरह के सम्मान से लोगों को सामाजिक कल्याण में योगदान के लिए बढ़ावा मिलेगा। भारत को विचारक नहीं चाहिए। हमें काम करने वाले लोग चाहिए।" गौरतलब है कि गूंज ने पुराने कपड़ों को दाबारा इस्तेमाल करके महिलाओं के लिए सस्ते सैनिटेरी नैपकिन बनाने का काम किया है जिसके लिए इस संस्था की काफी प्रशंसा भी की जा चुकी है।
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