नई दिल्ली:
संजय जोशी को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर करने के बाद उनके कट्टर विरोधी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें पार्टी से निकलवाने में भी आज सफल हो गए।
एक पखवाड़े पहले मोदी की मांग के आगे झुकते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से जोशी का इस्तीफा लेने के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी से भी उनका इस्तीफा मंजूर किए जाने की घोषणा की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और पार्टी के पूर्व महासचिव ने ‘‘भाजपा से उन्हें मुक्त किए जाने का आग्रह’’ किया था और गडकरी ने उनके इस आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
जोशी को पार्टी से बाहर निकाले जाने को मोदी की बड़ी जीत माना जा रहा है। मोदी के दबाव में जोशी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाए जाने को लेकर संघ और भाजपा दोनों में विभाजन पहले ही सार्वजनिक हो चुका है। इसके बाद से संघ और भाजपा के मुखपत्रों में मोदी के खिलाफ और हिमायत दोनों में लेख छप रहे हैं।
भाजपा के मुखपत्र कमल संदेश और संघ के मुखपत्र पांचजन्य में जहां मोदी के रवैये की आलोचना की गई वहीं संघ के अंग्रेजी वाले मुखपत्र आर्गेनाइजजर में मोदी का पक्ष लिया गया।
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ और दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय तथा अहमदाबाद में मोदी की आलोचना और जोशी के समर्थन वाले पोस्टर निकले।
सूत्रों ने बताया कि जोशी अब भाजपा की जिम्मेदारियां छोड़कर संघ के लिए काम करेंगे। इस्तीफा देने से पहले तक जोशी भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का काम देख रहे थे।
एक पखवाड़े पहले मोदी की मांग के आगे झुकते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से जोशी का इस्तीफा लेने के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी से भी उनका इस्तीफा मंजूर किए जाने की घोषणा की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और पार्टी के पूर्व महासचिव ने ‘‘भाजपा से उन्हें मुक्त किए जाने का आग्रह’’ किया था और गडकरी ने उनके इस आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
जोशी को पार्टी से बाहर निकाले जाने को मोदी की बड़ी जीत माना जा रहा है। मोदी के दबाव में जोशी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाए जाने को लेकर संघ और भाजपा दोनों में विभाजन पहले ही सार्वजनिक हो चुका है। इसके बाद से संघ और भाजपा के मुखपत्रों में मोदी के खिलाफ और हिमायत दोनों में लेख छप रहे हैं।
भाजपा के मुखपत्र कमल संदेश और संघ के मुखपत्र पांचजन्य में जहां मोदी के रवैये की आलोचना की गई वहीं संघ के अंग्रेजी वाले मुखपत्र आर्गेनाइजजर में मोदी का पक्ष लिया गया।
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ और दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय तथा अहमदाबाद में मोदी की आलोचना और जोशी के समर्थन वाले पोस्टर निकले।
सूत्रों ने बताया कि जोशी अब भाजपा की जिम्मेदारियां छोड़कर संघ के लिए काम करेंगे। इस्तीफा देने से पहले तक जोशी भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का काम देख रहे थे।
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