
सैंडर वुड लकड़ियों की एक दुर्लभ किस्म है, जो आंध्र प्रदेश के जंगलों में पाई जाती है और जापान एवं चीन में इसकी काफी मांग है।
इसका इस्तेमाल इन देशों में दवा, परंपरागत गहनों और खास किस्म के वाद्य यंत्र (म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट) बनाने में होता है।
बेंगलुरु पुलिस के संयुक्त आयुक्त अपराध हेमंत निम्बालकर ने बताया, हमने छह लोगों को अलग-अलग दो ऑपरेशन्स में पकड़ा है और इनके पास से करीब 45 करोड़ रुपये की लकड़ियां बरामद की गई हैं।
डीसीपी क्राइम अभिषेक गोयल के मुताबिक यह गैंग आंध्र प्रदेश के ग्रामीणों से 2,000 रुपये किलो सैंडर वुड खरीद कर चेन्नई और मुंबई के तस्करों को 8,000 रुपये किलो के हिसाब से बेच देता था, जो अंतरराष्ट्रीय तस्करों से प्रति किलो 30,000 रुपये वसूलते। फिर इन लकड़ियों को समुद्री मार्ग से चीन और जापान भेज जाता, जहां के स्थानीय स्मगलर करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा करते।
अंतरराष्ट्रीय तस्करों के लिए काम कर रहे कर्नाटक के बिचौलिये जब इन लकड़ियों की एक बड़ी खेप कर्नाटक से चेन्नई और मुंबई रवाना करने वाले थे, तभी तस्करों के भेष में छिपे क्राइम ब्रांच के लोगों ने छह तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी खेप है।
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