
राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बागी सचिन पायलट ने देशवासियों से असम और बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की है. गौरतलब है कि बिहार और असम में बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA सत्ता में है. पायलट ने ट्वीट किया, " मैं असम और बिहार में बाढ़ से पीड़ित लोगों और उनके परिजनों के लिए प्रार्थना करता हूं. सिर्फ असम में ही बाढ़ से 68 लोगों ने जान गंवाई है और 30 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. मैं सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि वे बाढ़ से पीड़ित लोगों की मदद के लिए आगे आएं . "
My thoughts & prayers with all those families affected by the Assam & Bihar floods. Over 68 lives lost & 3.6 million people affected in Assam alone.
— Sachin Pilot (@SachinPilot) July 18, 2020
I appeal to all Indians, to come together, join in the efforts to help support those affected in these extreme flood situations.
कांग्रेस ने पायलट पर राजस्थान सरकार को गिराने के आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि पायलट न तो विधायकों की बैठकों में हिस्सा लेते हैं और न ही पार्टी नेताओं से बात करते हैं. गौरतलब है कि वे और उनके साथी विधायक हरियाणा में डेरा डाले हुए हैं. पिछले हफ्ते पायलट को पार्टी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया था.
सूत्रों का कहना है कि पायलट की प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ बातचीत के ठीक तीन घंटे बाद पार्टी ने यह फैसला लिया. प्रियंका गांधी के करीबी सूत्रों ने NDTV को बताया कि पायलट एक साल के भीतर मुख्यमंत्री बनाए जाने पर जोर दे रहे थे. पायलट ने यहां तक कहा था कि वे मुख्यमंत्री बने बगैर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नहीं मिलेंगे.
वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया है पायलट सीधे तौर पर हॉर्स-ट्रेडिंग में शामिल हैं. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा में ठहरे पायलट खेमे को भाजपा कवर दे रही है. पायलट ने हालांकि कहा कि वह भाजपा में शामिल होने की योजना नहीं बना रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी भाजपा में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. भाजपा की कड़ी मुझे गांधी परिवार की नजर में बदनाम करने की कोशिश है."
टीम सचिन पायलट ने शुरू में दावा किया था कि उनके पास 30 विधायकों का समर्थन है. जो गहलोत सरकार को गिराने के लिए काफी हैं. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उनके खेमे में 18 विधायक हैं. कांग्रेस का कहना है कि उसे राज्य विधानसभा में 109 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जहां बहुमत का आंकड़ा 101 है. कांग्रेस के पायलट और 18 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के नोटिस के बाद विवाद ने कानूनी रूप ले लिया है.
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