सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने रविवार को कहा कि सेना बाहरी या आंतरिक किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, क्योंकि यह अत्याधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न है।
यहां 64वें सेना दिवस पर मार्चपास्ट की सलामी लेने से पहले सिंह ने कहा, "सेना बाहरी या आंतरिक किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। हमने अपनी सेना को अत्यधिक तकनीकों से सम्पन्न बनाया है।" उन्होंने वर्षों से देश की रक्षा के लिए जान तक न्योछावर कर देने वाले सैनिकों के बलिदान को याद करने के लिए देशवासियों को प्रोत्साहित भी किया।
सेना प्रमुख ने कहा, "इस दिवस पर आइये हम सभी उन्हें याद करें, जिन्होंने देश के लिए लड़ते हुए अपनी जान तक दे दी।"
सालाना आयोजित होने वाला यह दिवस सेना की ताकत को दर्शाता है। परेड को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा। सबसे पहले देश के प्रथम सेना प्रमुख जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) केएम करियप्पा ने इसकी शुरुआत की थी।
परेड में सेना के 10 रेजीमेंट और बख्तरबंद गाड़ियों ने हिस्सा लिया। बेखौफ मोटरसाइकिल सवारों ने अचम्भित कर देने वाले करतब दिखाए।
सेना ने छद्म युद्ध भी दिखाया, जिसमें सेना की पैदल टुकड़ी, बख्तरबंद इकाइयों, तोपची सैनिकों और सेना के हेलीकॉप्टरों ने 15 मिनट के भीतर एक क्षेत्र पर 'कब्जा' किया।
परेड में भारतीय नौ सेना व वायु सेना के प्रमुखों, विभिन्न देशों की सेना के सदस्यों तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्ताओं ने हिस्सा लिया था।
इससे पहले सेना प्रमुख ने 15 वीरता पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें से छह मरणोपरांत दिए गए।
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