प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
भारतीय रेल ने परिवर्ती किराया योजना यानी डाइनेमिक किराया प्रणाली से एक वर्ष से कम समय में 540 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की है और उसकी इसे रोकने की करेई योजना नहीं है. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना को उसने पिछले साल 9 सितंबर से शुरू किया था. यह राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलों में लागू होता है. इसके तहत 10% सीटों को सामान्य किराये पर बेचा जाता है और उसके बाद सीटों की बुकिंग का किराया हर 10% सीटों के लिए 10% बढ़ जाता है जो अधिकतम 50% तक बढ़ सकता है.
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अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने परिवर्ती किराये से कमाई की है और हमें इसे क्यों बंद करना चाहिए. इसकी वजह से इन रेलों में हमें 85,000 अतिरिक्त यात्री मिले हैं और यह दिखाता है कि यात्री इसके विरोध में नहीं है.’’ अधिकारी ने कहा सितंबर 2016 से 30 जून 2017 तक इससे रेलवे को 540 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है.
VIDEO: रेलवे ने लागू की फ्लेक्सी किराया प्रणाली
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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