
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
अच्छी यादों के सहारे ट्रेन यात्रा को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से रेलवे ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर अपनी ट्रेन यात्रा की यादें और अनुभव बांटने का अनुरोध किया है.
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि आम आदमी वीडियो, कहानियों और तस्वीरों के रूप में सोशल मीडिया पर हैशटैग माई ट्रेन स्टोरी पर अपनी बातें साझा करें. रेलवे रोजाना करीब 2.3 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है जिसका मतलब है कि भारतीय रेलवे में रोज 2.3 करोड़ कहानियां होती हैं. रेलवे और उसकी यात्रा आम आदमी के जीवन का महत्वूपर्ण हिस्सा हैं और वे कई व्यक्तिगत यादों और बड़ी घटनाओं से जुड़ी होती हैं.
अधिकारी के अनुसार हो सकता है कि कोई पढ़ाई लिखाई के लिए पहली बार घर से बाहर जा रहा हो, या हो सकता है कि कोई ट्रेन में अपने जीवन साथी से मिला हो, कोई ऐसा भी हो सकता है जो सालों से रोजाना ट्रेन यात्रा करता हो. उन्होंने कहा कि यात्री अपना यात्रा संस्मरण mytrainstory@gmail.com पर भी भेज सकता है.
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि आम आदमी वीडियो, कहानियों और तस्वीरों के रूप में सोशल मीडिया पर हैशटैग माई ट्रेन स्टोरी पर अपनी बातें साझा करें. रेलवे रोजाना करीब 2.3 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है जिसका मतलब है कि भारतीय रेलवे में रोज 2.3 करोड़ कहानियां होती हैं. रेलवे और उसकी यात्रा आम आदमी के जीवन का महत्वूपर्ण हिस्सा हैं और वे कई व्यक्तिगत यादों और बड़ी घटनाओं से जुड़ी होती हैं.
अधिकारी के अनुसार हो सकता है कि कोई पढ़ाई लिखाई के लिए पहली बार घर से बाहर जा रहा हो, या हो सकता है कि कोई ट्रेन में अपने जीवन साथी से मिला हो, कोई ऐसा भी हो सकता है जो सालों से रोजाना ट्रेन यात्रा करता हो. उन्होंने कहा कि यात्री अपना यात्रा संस्मरण mytrainstory@gmail.com पर भी भेज सकता है.
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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