
नई दिल्ली:
यूपी में अपनी यात्रा के चौथे दिन राहुल गांधी की कारों, बसों और खुले ट्रकों का काफिला शुक्रवार को अयोध्या पहुंच रहा है. अगले साल की शुरुआत में इस राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं. अयोध्या में राहुल गांधी (46) सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में प्रार्थना करेंगे. लेकिन उनके यहां से एक किमी दूर विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर स्थित राम मंदिर जाने पर अभी तस्वीर साफ नहीं है.
उनकी मंदिर यात्रा प्रतीकात्मक निहितार्थ रखती है. 26 साल पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. उसके अगले साल 21 मई, 1991 को उनकी हत्या हो गई. राहुल गांधी तब 20 साल के थे.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
उनकी मंदिर यात्रा प्रतीकात्मक निहितार्थ रखती है. 26 साल पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. उसके अगले साल 21 मई, 1991 को उनकी हत्या हो गई. राहुल गांधी तब 20 साल के थे.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
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