ब्याजमाफी को लेकर केंद्र पर राहुल गांधी का हमला, बोले- बड़े व्यवसायों को 1450000000000...

लोन मोरेटोरियम अवधि में EMI पर ब्याज में छूट को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के संदर्भ में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने टैक्स छूट में लाभ को लेकर सरकार पर हमला बोला. 

ब्याजमाफी को लेकर केंद्र पर राहुल गांधी का हमला, बोले- बड़े व्यवसायों को 1450000000000...

टैक्स छूट में लाभ के अंतर को लेकर राहुल का केंद्र पर हमला. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • ब्याजमाफी को लेकर राहुल का केंद्र पर हमला
  • SC ने लोन मोरेटोरियम पीरियड में EMI में छूट पर केंद्र से मांगा है जवाब
  • राहुल ने मध्यम वर्ग के व्यवसायों की वकालत की
नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लगातार केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर उसपर हमलावर बने हुए हैं. गुरुवार को ट्विटर पर एक ट्वीट के जरिए फिर सरकार पर हमला किया. लोन मोरेटोरियम अवधि (Loan Moratorium Period) में EMI पर ब्याज में छूट को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के संदर्भ में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने टैक्स छूट में लाभ को लेकर सरकार पर हमला बोला. राहुल ने मोदी सरकार को एक बार फिर 'सूट बूट की सरकार' बुलाते हुए कहा कि सरकार ने बड़े व्यावसायों को फायदा पहुंचाया, वहीं मध्यम वर्ग को लोन पर ब्याज माफी तक नहीं है.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, '1450000000000 tax cut benefit given to big businesses. But no interest waiver on loans for middle class. 1450000000000 रुपए की टैक्स-छूट का फ़ायदा बड़े व्यवसायों को दिया गया लेकिन मध्यम वर्ग को लोन पर ब्याज-माफ़ी तक नहीं क्योंकि ये है #SuitBootKiSarkar.'

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बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए लोन की EMI को स्थगित किए जाने के फैसले के बीच इसपर ब्याज को माफ करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को फटकार लगाया था. दरअसल, 31 अगस्त को लोन मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो रही है लेकिन केंद्र ने ईएमआई पर ब्याज में छूट को लेकर अभी तक कोई जवाब ही दाखिल नहीं किया है. कोर्ट ने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है. बुधवार को मामले में हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र से मामले में 1 सितंबर तक अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि 'आप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पीछे नहीं छुप सकते और बस व्यापार का हित नहीं देख सकते.'

इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करते हुए कहा था कि 'यदि आपने मोहलत की घोषणा की है, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभ ग्राहकों को उद्देश्यपूर्ण तरीके से मिले. ग्राहक मोहलत का लाभ नहीं ले ले रहे हैं  क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है. केंद्र ने रास्ता निकालने के लिए समय लिया लेकिन कुछ नहीं हुआ. केंद्र अब इसे बैंकों को नहीं छोड़ सकता.'

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