
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति के पद की शपथ दिलाते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर.
नई दिल्ली:
देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद ने आज शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण में राजनीति जगत के कई दिग्गज शामिल हुए. शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन में खास तैयारियां की गईं. शपथ लेने से पहले आज रामनाथ कोविंद महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे. उसके बाद रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां अब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया था. इसके बाद रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी के साथ संसद के सेंट्रल हॉल ले गए. दोपहर 12:15 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने रामनाथ कोविंद को शपथ दिलाई.
(राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शपथ लेते हुए )
संसद भवन के सेंट्रल हॉल में रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.
(शपथग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद से हाथ मिलाते पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी)
तय परंपरा के मुताबिक- रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी को उनके नए आवास 10 राजाजी मार्ग छोड़ने जाएंगे.
(शपथग्रहण से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी रामनाथ कोविंद के साथ)
रामनाथ कोविंद की भतीजी ने कहा कि हमें लाइफ में यह लम्हा हमेशा याद रहेगा. वहीं भतीजे पंकज कोविंद ने कहा कि 17 लोग सिर्फ कानपुर देहात से आए हैं. बहुत खुशी हो रही है कि मेरे चाचा सर्वोच्च पद पर पहुंचे हैं.
(राष्ट्रपति भवन में एक कोविंद को एक तस्वीर दिखाते हुए प्रणब)
राष्ट्र के नाम आख़िरी संबोधन में निर्वतमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि समाज में बहस होना ज़रूरी है, लेकिन इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं है. उनके विदाई संबोधन में एक तरफ जहां भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा का दर्द साफ दिखाई दिया, वहीं प्रदूषण और जयवायु परिवर्तन को लेकर भी वे चिंतित दिखाई दिए.
(बतौर राष्ट्रपति आखिरी बार गार्ड ऑफ ऑनर लेते हुए प्रणब मुखर्जी)
भीड़ की हिंसा पर प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हमें अपने जन संवाद को शारीरिक और मौखिक, सभी तरह की हिंसा से मुक्त करना होगा. पर्यावरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमारे अस्तित्व के लिए बहुत जरूरी है.
(कोविंद के राष्ट्रपति पद की शपथ से पहले कार्यक्रम में दस्ते के साथ जाते हुए)
प्रदूषण और जयवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मुखर्जी ने सभी को साथ मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर कार्य करना होगा क्योंकि भविष्य में हमें दूसरा मौका नहीं मिलेगा.
(देश का राष्ट्रपति भवन कुछ इस तरह शानदार है)
शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.
(भारत के राष्ट्रपति का सुरक्षा दस्ता दुनिया में अपनी तरह का है)
शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूं.
(राष्ट्रपति भवन में बतौर निर्वाचित राष्ट्रपति कोविंद पहली बार)
शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- राष्ट्र निर्माण का काम अकेले सरकारें नहीं कर सकतीं.
(वर्तमान और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शपथग्रहण समारोह में जाते हुए)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के गांव परौंख में लोग ढोल-मंजीरे बजाकर जश्न मना रहे हैं.
(शपथग्रहण पर जाने से पहले मीडिया को देखकर कुछ इस प्रकार नमस्कार किया)
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं सेंट्रल हॉल में पुरानी यादें ताजा हो गईं.
(शपथग्रहण से ठीक पहले सांसदों और अन्य गणमान्य का स्वागत स्वीकारते हुए कोविंद)
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि सेंट्रल हॉल में मैंने विचार-विमर्श किया.
(शपथग्रहण से ठीक पहले राष्ट्रगान की धुन बजी.)
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा है.
(राष्ट्रपति कोविंद के शपथग्रहण के दौरान पीएम मोदी व अन्य)
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी.
(आज शपथग्रहण से पहले रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी के साथ राजघाट भी गए)
शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ ये पद ग्रहण कर रहा हूं.
VIDEO : रामनाथ कोविंद का शपथग्रहण

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.

तय परंपरा के मुताबिक- रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी को उनके नए आवास 10 राजाजी मार्ग छोड़ने जाएंगे.

रामनाथ कोविंद की भतीजी ने कहा कि हमें लाइफ में यह लम्हा हमेशा याद रहेगा. वहीं भतीजे पंकज कोविंद ने कहा कि 17 लोग सिर्फ कानपुर देहात से आए हैं. बहुत खुशी हो रही है कि मेरे चाचा सर्वोच्च पद पर पहुंचे हैं.

राष्ट्र के नाम आख़िरी संबोधन में निर्वतमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि समाज में बहस होना ज़रूरी है, लेकिन इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं है. उनके विदाई संबोधन में एक तरफ जहां भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा का दर्द साफ दिखाई दिया, वहीं प्रदूषण और जयवायु परिवर्तन को लेकर भी वे चिंतित दिखाई दिए.

भीड़ की हिंसा पर प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हमें अपने जन संवाद को शारीरिक और मौखिक, सभी तरह की हिंसा से मुक्त करना होगा. पर्यावरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमारे अस्तित्व के लिए बहुत जरूरी है.

प्रदूषण और जयवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मुखर्जी ने सभी को साथ मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर कार्य करना होगा क्योंकि भविष्य में हमें दूसरा मौका नहीं मिलेगा.

शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.

शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूं.

शपथग्रहण के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- राष्ट्र निर्माण का काम अकेले सरकारें नहीं कर सकतीं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के गांव परौंख में लोग ढोल-मंजीरे बजाकर जश्न मना रहे हैं.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं सेंट्रल हॉल में पुरानी यादें ताजा हो गईं.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि सेंट्रल हॉल में मैंने विचार-विमर्श किया.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा है.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी.

शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ ये पद ग्रहण कर रहा हूं.
VIDEO : रामनाथ कोविंद का शपथग्रहण
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