- व्हाइट हाउस ने ईरान में हिंसा रोकने के लिए सभी सैन्य विकल्पों पर विचार करने का संकेत दिया.
- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सड़कों पर निर्दोष लोगों की हत्या को बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संदेश दिया है.
- ईरानी नेतृत्व ने कूटनीतिक संपर्क स्थापित किए हैं, पर ट्रंप ने कड़ी कार्रवाई के विकल्प को भी खुला रखा है.
व्हाइट हाउस ने ईरान की मौजूदा स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही हिंसक कार्रवाई को रोकने के लिए हवाई हमलों सहित सभी सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि तेहरान की सड़कों पर निर्दोष लोगों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उनके अनुसार, ईरान ने प्रदर्शनकारियों की मौत से जुड़ी 'रेड लाइन' को पार कर लिया है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व ने बातचीत के लिए संपर्क किया है, लेकिन वे किसी भी बैठक से पहले कड़ी कार्रवाई करने की संभावना को खारिज नहीं कर रहे हैं.
#WATCH | White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "I think one thing President Trump is very good at is always keeping all of his options on the table, and airstrikes would be one of the many, many options that are on the table for the Commander in Chief, diplomacy is… pic.twitter.com/2rKKThR71v
— ANI (@ANI) January 12, 2026
एक तरफ जहां सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीति की गुंजाइश भी बनी हुई है. व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ निजी बातचीत में ईरान का रुख उसके सार्वजनिक बयानों से काफी अलग और सकारात्मक रहा है. लेविट ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए कूटनीति हमेशा प्राथमिकता रहती है. लेकिन एक 'कमांडर इन चीफ' के तौर पर वे अपने सभी विकल्प खुले रखते हैं. दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी स्वीकार किया है कि राजनयिक संबंधों के अभाव के बावजूद, अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत के बीच बातचीत का एक चैनल सक्रिय है.
ईरान में मानवाधिकार समूहों द्वारा मरने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की खबरों के बीच, व्हाइट हाउस ने भी इन मौतों की पुष्टि की है. कई दिनों तक इंटरनेट ब्लैकआउट रहने के बावजूद वहां से हिंसा की जानकारी लगातार बाहर आ रही है, जिसे लेकर अमेरिकी प्रशासन बेहद गंभीर है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि निजी तौर पर मिल रहे कूटनीतिक संदेशों और सार्वजनिक हिंसा के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता सड़कों पर हो रहे रक्तपात को रोकना है.
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