बेंगलुरू : हर दूसरे साल होने वाला एयरो इंडिया शो बुधवार से बेंगलुरू में शुरू होने जा रहा है। पहली बार कोई प्रधानमंत्री इस शो का उद्घाटन करने जा रहे हैं। 10वीं बार होने जा रहे इस शो में शायद पहली बार ऐसा होगा कि रूस का कोई मिलिटरी विमान हिस्सा नहीं लेगा।
कहने को रूस और भारत मिलकर पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकसित कर रहे हैं पर अब नजदीकियां दूरियों में तब्दील हो रही हैं। इस बारे में पूछने पर प्रदर्शनी के निदेशक विंग कमांडर एम.डी. सिंह ने कहा कि ये उस देश पर निर्भर करता है कि वो अपना जहाज लेकर आए।
वैसे इस शो में अमेरिका की करीब 64 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। ये दिखाता है कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत और अमेरिका कितने करीब आ रहे हैं। अमेरिका के बाद फ्रांस की 58 कंपनियां शो में भाग ले रही हैं।
इस बार शो की थीम है मेक इन इंडिया। 300 कंपनियों के सीईओं भी यहां आ रहे हैं। देसी कंपनियों की कोशिश विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर नए नए हथियार बनाने की है। विदेश से 300 और भारत से 300 कंपनियां भाग ले रही हैं। हालांकि फ्रांस की कंपनी अपनी लड़ाकू विमान राफेल लेकर आई है पर अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है कि भारत कब तक राफेल के 126 लड़ाकू विमान खरीदेगा। विदेश की कई कंपनियां सेना के तीनों अंगो को लड़ाकू हेलीकॉप्टर बेचने के फिराक में हैं।
वैसे आम लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र आसमान में करतब करने वाली ऐरोबेटिक टीमें हैं। यूके और स्केडिनेविया, यूएस की टीमों के प्रदर्शन लोगों को दातों तले उंगली दबाने के मजबूर कर देगा।
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