
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुजरात में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि एक साल पहले जो स्थितियां थीं और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है. मुझे विश्वास है कि संकट के इस समय में देश ने और देश की व्यवस्थाओं ने जिस तरह काम किया, उससे आपने भी बहुत कुछ सीखा होगा. आज भारत की विकास यात्रा के जिस महत्वपूर्ण कालखंड में आप हैं, वो बहुत विशेष है. जब आपका बैच काम करना शुरू करेगा, तो वो समय होगा जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में होगा. आप ही वो अफसर हैं, जो उस समय भी देश सेवा में होंगे, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सिविल सर्वेंट को देश का स्टील फ्रेम कहा था. उन अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य है. मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो देश की एकता अखंडता को मज़बूत करने वाले हों.
सरकार शीर्ष से नहीं चलती है। नीतियाँ जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
जनता केवल सरकार की नीतियों की, प्रोग्राम्स की receiver नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है।
इसलिए हमें government से governance की तरफ बढ़ने की जरूरत है: PM
आरंभ 2020 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपका क्षेत्र भले ही छोटा हो, आप जिस विभाग को संभाले उसका दायरा भले ही कम हो, लेकिन फैसलों में हमेशा लोगों का हित होना चाहिए, एक राष्ट्रीय परिपेक्ष्य होना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता. स्टील फ्रेम का काम देश को ये ऐहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे.
आज देश जिस mode में काम कर रहा है, उसमें आप सभी bureaucrats की भूमिका Minimum Government, Maximum Governance की ही है।
— PMO India (@PMOIndia) October 31, 2020
आपको ये सुनिश्चित करना है कि नागरिकों के जीवन में आपका दखल कैसे कम हो, सामान्य मानवी का सशक्तिकरण कैसे हो: PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार शीर्ष से नहीं चलती है. नीतियां जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है. जनता केवल सरकार की नीतियों की, योजनाओं की रिसीवर (ग्राही) नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है. इसलिए हमें सरकार से शासन की तरफ बढ़ने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि आज देश जिस मोड में काम कर रहा है, उसमें आप सभी नौकरशाहों (Bureaucrats) की भूमिका 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' (Minimum Government, Maximum Governance) की ही है. आपको ये सुनिश्चित करना है कि नागरिकों के जीवन में आपका दखल कैसे कम हो, सामान्य मानव का सशक्तिकरण कैसे हो.
(एएनआई के इनपुट के साथ)
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