
पुणे:
पिछले साल आमिर खान के असहिष्णुता संबंधित बयान ने अभी तक उनका पीछा नहीं छोड़ा है। इस बार रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आमिर खान का बगैर नाम लिए उन पर निशाना साधा है। आमिर के इस पुराने बयान को याद करते हुए पर्रिकर ने कहा कि ‘एक अभिनेता ने कहा है कि उनकी पत्नी भारत से बाहर जाना चाहती है। यह दंभपूर्ण बयान है। यदि मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है तो क्या हुआ...मैं तब भी अपने घर से प्यार करूंगा और हमेशा उसे बंगला बनाने का सपना देखूंगा।’ पर्रिकर, सियाचिन पर मराठी पत्रकार-लेखकर नितिन गोखले की पुस्तक का विमोचन करने के बाद अपनी बात रख रहे थे।
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देखें वीडियो
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रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर (फाइल फोटो)
'सबक सिखाया जाना चाहिए'
पर्रिकर ने जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी की घटना का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए पर्रिकर ने यह भी कहा कि‘कैसे कुछ लोगों को देश के विरोध में बोलने का साहस हो जाता है। ऐसे लोग जो देश के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें इस देश के लोगों द्वारा सबक सिखाए जाने की जरूरत है।’ गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में आमिर खान ने कहा था कि वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में देश में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है। उन्होंने कहा था कि ‘मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए?’
पर्रिकर ने इस बात की तरफ भी इशारा किया कि किस तरह कई लोगों ने आमिर के इस बयान का विरोध करते हुए उस ऑनलाइन शॉपिंग साइट के मोबाइल एप का बहिष्कार कर दिया था जिसके वह ब्रांड एम्बेसेडर थे, साथ ही फर्म ने भी आमिर के साथ विज्ञापन से हाथ खींच लिया था।
कांग्रेस का वार
रक्षामंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि - मनोहर पर्रिकर का काम पाकिस्तान जैसे बाहरी दुश्मनों से हमारी रक्षा करना है या फिर आमिर खान जैसे साथी को धमकाना है?
सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि पर्रिकर के बयान से यह साबित होता है कि हर तरह की विरोधी आवाज़ों को दबाने और दलितों और अल्पसंख्यकों को खदेड़ने की साज़िश की जाती है। क्या यह 'राज धर्म' हो सकता है?
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'सबक सिखाया जाना चाहिए'
पर्रिकर ने जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी की घटना का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए पर्रिकर ने यह भी कहा कि‘कैसे कुछ लोगों को देश के विरोध में बोलने का साहस हो जाता है। ऐसे लोग जो देश के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें इस देश के लोगों द्वारा सबक सिखाए जाने की जरूरत है।’ गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में आमिर खान ने कहा था कि वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में देश में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है। उन्होंने कहा था कि ‘मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए?’
पर्रिकर ने इस बात की तरफ भी इशारा किया कि किस तरह कई लोगों ने आमिर के इस बयान का विरोध करते हुए उस ऑनलाइन शॉपिंग साइट के मोबाइल एप का बहिष्कार कर दिया था जिसके वह ब्रांड एम्बेसेडर थे, साथ ही फर्म ने भी आमिर के साथ विज्ञापन से हाथ खींच लिया था।
कांग्रेस का वार
रक्षामंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि - मनोहर पर्रिकर का काम पाकिस्तान जैसे बाहरी दुश्मनों से हमारी रक्षा करना है या फिर आमिर खान जैसे साथी को धमकाना है?
Is @manoharparrikar job to protect India from external aggressors like Pakistan or threaten fellow countrymen like actor Aamir Khan?
— Randeep S Surjewala (@rssurjewala) July 31, 2016
सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि पर्रिकर के बयान से यह साबित होता है कि हर तरह की विरोधी आवाज़ों को दबाने और दलितों और अल्पसंख्यकों को खदेड़ने की साज़िश की जाती है। क्या यह 'राज धर्म' हो सकता है?
.@manoharparrikar's statement proves a concerted conspiracy to curb all dissent, hound Dalits & Minorities. Can this be the 'Raj Dharma'?
— Randeep S Surjewala (@rssurjewala) July 31, 2016
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