
नई दिल्ली:
बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में एफडीआई के मसले पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के रुख से साफ है कि शीत सत्र का पहला हिस्सा एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ेगा क्योंकि न सरकार विदेशी निवेश के सवाल पर अपने कदम पीछे खींचने को तैयार है और न ही विपक्ष सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बढ़ाने का कोई मौका छोड़ना चाहता है।
इधर, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के साथ रात्रिभोज पर मिलेंगे।
सिंह ने भाजपा संसदीय दल के प्रमुख लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है।
पहले यह रात्रिभोज शनिवार को प्रस्तावित था लेकिन शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि सरकार खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर संसद में गतिरोध टालना चाहती है जबकि भाजपा और वामदल इस मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहते हैं। तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कह रही है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के रुख से साफ है कि शीत सत्र का पहला हिस्सा एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ेगा क्योंकि न सरकार विदेशी निवेश के सवाल पर अपने कदम पीछे खींचने को तैयार है और न ही विपक्ष सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बढ़ाने का कोई मौका छोड़ना चाहता है।
इधर, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के साथ रात्रिभोज पर मिलेंगे।
सिंह ने भाजपा संसदीय दल के प्रमुख लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है।
पहले यह रात्रिभोज शनिवार को प्रस्तावित था लेकिन शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि सरकार खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर संसद में गतिरोध टालना चाहती है जबकि भाजपा और वामदल इस मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहते हैं। तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कह रही है।
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