नई दिल्ली:
संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने गुरुवार को तय किया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की चार ताजा रिपोर्टों की वह जांच करेगी, जिनमें से एक रपट कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी है।
कांग्रेस और भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी रपट पर संसद में टकराव की मुद्रा में हैं। पीएसी की बैठक में भी यह टकराव देखने को मिल सकता है।
भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली पीएसी ने आज की बैठक में तय किया कि कोयला आवंटन, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड, अल्ट्रा मेगा बिजली संयंत्रों और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से जुड़ी सीएजी रिपोर्टों की वह जांच करेगी। सभी रिपोर्टें संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में पेश की गई हैं।
पीएसी राष्ट्रमंडल खेल, केजी बेसिन और नागर विमानन से जुड़ी सीएजी की रिपोर्टों की पहले ही जांच कर रहा है। ऐसे में उक्त चार नई रिपोर्टों की जांच संभवत: तत्काल नहीं शुरू हो सकेगी।
समिति के एक सदस्य ने कहा कि हमें सीएजी और संबद्ध मंत्रालयों से ब्योरे की आवश्यकता होगी। उसके बाद ही नए एजेंडे पर काम शुरू किया जा सकता है।
कांग्रेस और भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी रपट पर संसद में टकराव की मुद्रा में हैं। पीएसी की बैठक में भी यह टकराव देखने को मिल सकता है।
भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली पीएसी ने आज की बैठक में तय किया कि कोयला आवंटन, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड, अल्ट्रा मेगा बिजली संयंत्रों और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से जुड़ी सीएजी रिपोर्टों की वह जांच करेगी। सभी रिपोर्टें संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में पेश की गई हैं।
पीएसी राष्ट्रमंडल खेल, केजी बेसिन और नागर विमानन से जुड़ी सीएजी की रिपोर्टों की पहले ही जांच कर रहा है। ऐसे में उक्त चार नई रिपोर्टों की जांच संभवत: तत्काल नहीं शुरू हो सकेगी।
समिति के एक सदस्य ने कहा कि हमें सीएजी और संबद्ध मंत्रालयों से ब्योरे की आवश्यकता होगी। उसके बाद ही नए एजेंडे पर काम शुरू किया जा सकता है।
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