Omicron का भारत में अभी कोई मामला नहीं, राज्‍यों को टेस्टिंग बढ़ाने को कहा गया : सरकार

बेहद संक्रामक माने जाने वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर पूरी दुनिया 'अलर्ट' मोड पर है. इसे रोकने के उपायों के तहत सरकार ने आज राज्‍यों और यूपी को मामले की शीघ्र पहचान के लिए कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं. 

Omicron का भारत में अभी कोई मामला नहीं, राज्‍यों को टेस्टिंग बढ़ाने को कहा गया : सरकार

वेरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पता चला था

नई दिल्‍ली :

कोविड के नए वेरिएंट Omicron (ओमिक्रॉन) का कोई मामला अभी भारत में सामने नहीं आया है. सरकारी अधिकारियों ने मंगलवार को यह बात कही. इस वेरिएंट का सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पता चला था, इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, बोत्सवाना, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, इजरायल, बेल्जियम, चेक गणराज्य, इटली, जर्मनी और हांग कांग जैसे देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं.  बेहद संक्रामक माने जाने वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर पूरी दुनिया 'अलर्ट' मोड पर है.Omicron के कई देशों में फैलने से बढ़ती चिंताओं के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ एक समीक्षा बैठक की और उन्हें मामलों की शीघ्र पहचान और प्रबंधन के लिए जांच बढ़ाने की सलाह दी.  राज्यों को सुझाव दिया गया है कि अंतराष्ट्रीय यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखें और At Risk कैटेगरी के देशों से आने वाले हर यात्री का एयरपोर्ट पर आरटी पीसीआर टेस्ट हो. सभी पॉजिटिव सैंपल को insacog भेजें. साथ ही उनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और पॉजिटिव यात्रियों को 14 दिनों तक फॉलोअप किया जाए.इसके साथ ही जिलों में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने को भी कहा गया है.

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यह भी कहा गया कि हॉटस्पॉट या मामलों के क्लस्टर बन रहे इलाकों के सभी पॉजिटिव सैंपल Insacog लैब भेज जाएं.. यह भी कहा गया है कि At risk देशों से आए यात्रियों की निगरानी सही तरीके से हो. अस्पताल इंफ्रा को दुरुस्त रखने की जरूरत भी इस दौरान बताई गई. हर घर दस्तक अभियान 31 दिसंबर तक है, जिसमें दूसरी डोज के लिए रह गए लोगों का टीकाकरण मुमकिन हो पाए.  साथ ही 100% पहला डोज सुनिश्चित किया जाए.  राज्य ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिस से तालमेल बनाकर रखें.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भूषण ने यह रेखांकित करते हुए कि ऐसा नहीं है कि नया स्वरूप आरटी-पीसीआर और आरएटी जांच से पकड़ में नहीं आ सकता है, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पर्याप्त बुनियादी ढांचा और निगरानी वाले घरेलू पृथक-वास सुनिश्चित करने के लिए कहा. चिंता वाले स्वरूप (वीओसी) से देश को उत्पन्न होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गहन रोकथाम, सक्रिय निगरानी, ​​जांच बढ़ाने, अधिक संक्रमितों वाले क्षेत्रों की निगरानी, ​​टीकाकरण बढ़ाने और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में वृद्धि सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है.

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इससे पहले, भूषण ने 28 नवंबर को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी निगरानी, ​नमूनों को ​जीनोम अनुक्रमण के लिए शीघ्र भेजना सुनिश्चित करने और इस वीओसी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया.कोविड का बी.1.1.1.529 स्वरूप या ओमीक्रोन का सबसे पहले पता पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका में चला था. इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ''चिंता वाला स्वरूप'' घोषित किया है.एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में अभी तक कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन का कोई मामला अभी सामने नहीं आया है. इसके बावजूद भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक कंसोर्टिया आईएनएसएसीओजी (इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जिनोमिक्स) स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पॉजिटिव नमूनों के जीनोम विश्लेषण में तेजी ला रहा है.केंद्र ने ''जोखिम वाले'' देशों से यात्रा करने वाले या उससे होकर आने वाले लोगों के लिए रविवार को सख्त दिशानिर्देश जारी किये थे और राज्यों को जांच-निगरानी उपायों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई निर्देश जारी किए थे. इसने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया.‘जोखिम वाले' (26 नवंबर तक अद्यतन) के रूप वर्गीकृत देशों में यूरोपीय देश, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल शामिल हैं. (भाषा से भी इनपुट)

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