
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 20 फरवरी को विधानसभा में बहुमत साबित करने का भरोसा जताते हुए कहा कि वह एक पहलवान की तरह अखाड़े में उतरेंगे और उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं होगी कि विपक्ष कितना मजबूत है।
इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू नेता नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। मांझी ने संवाददाताओं से कहा, मैं पहलवान की तरह अखाड़े में उतरूंगा और इसकी परवाह नहीं करूंगा कि सामने वाला कितना मजबूत है तथा मैं जीतूंगा या हारूंगा।
उन्होंने कहा, मैं विधायकों के समक्ष भावुक संबोधन दूंगा कि मैं गरीबों और दबे-कुचले लोगों की भलाई के लिए खड़ा हूं। अगर आप मुझसे सहमत हैं, तो मेरे साथ आइए। अगर मुझे उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ दूंगा।
नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके चयन को अपनी भूल मानने की बात पर मांझी ने कहा कि यह उनकी भूल नहीं, बल्कि महाभूल थी। मांझी ने कहा, मैंने राजीनति में 34 साल बिताए और मंत्री एवं विधायक के रूप में विभिन्न पदों पर काम किया... उन्होंने (नीतीश ने) यह मानकर भारी भूल की कि मैं उनकी कठपुतली की तरह काम करूंगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह बीजेपी के समर्थन के सहारे हैं, मांझी ने कहा, मैं अकेले खड़ा हूं और मैं सभी पार्टियों के विधायकों से कहूंगा कि वे गरीबों और दबे-कुचले लोगों के लिए काम जारी रखने के लिए मेरी विनम्र अपील का समर्थन करें।
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