पटना / नई दिल्ली:
बीजेपी के साथ रिश्ते तोड़ने की ओर अग्रसर जेडीयू को मनाने की कोशिशें भले ही जारी हैं, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने रवैये में किसी बदलाव का संकेत नहीं दिया है।
बिहार से खबर है कि बिहार की बीजेपी इकाई ने इन पूरे हालातों के मद्देनजर के इमरजेंसी बैठक आहूत की है। सूत्र बता रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने अधिनस्थ अधिकारियों को कह दिया है कि उनके पास किसी भी फाइल को लेकर न आया जाए। इस बात से साफ संकेत हैं पार्टी अब सरकार में ज्यादा दिन नहीं रहेगी।
वहीं, एनडीए में बढ़ती दरार को रोकने के प्रयास में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने आज जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शरद यादव ने कहा कि खराब शक्ल ले चुके हालात को दुरूस्त करने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी नेताओं से बातचीत के बाद शरद यादव ने संवाददाताओं से कहा, एनडीए का अभी अस्तित्व है और हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हालात ने जो खराब शक्ल अख्तियार कर ली है, उसे ठीक किया जाए। यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी में आडवाणी की स्थिति कमजोर हुई है, शरद यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, हमारे लिए उनकी स्थिति कमजोर नहीं हुई है। उनके प्रति हमारा पहले जैसा सम्मान है।
इससे पहले, नीतीश ने कहा कि आडवाणी, राजनाथ और मुरली मनोहर जोशी ने उनसे फोन पर बातचीत की है। हालांकि नीतीश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने बीजेपी नेताओं को कोई आश्वासन नहीं दिया है। साथ ही, नीतीश ने संघीय मोर्चे के गठन से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी और नवीन पटनायक के साथ संपर्क में हैं। वहीं जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि वह जेडीयू की बैठक बुलाएंगे और उसमें फैसला लिया जाएगा। बैठक कब होगी, यह शाम तक तय हो जाएगा।
इस बीच, शिवसेना बीजेपी के समर्थन में उतर आई है। 'सामना' के संपादकीय में पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नीतीश को भी नसीहत दी है। उन्होंने लिखा है, हम बीजेपी के साथ हैं और रहेंगे। जेडीयू सम्मान दे और ले...किसी को इतना न दबाएं कि रिश्ता टूट जाए। मुस्लिम वोट अहम हैं, तो हिंदू वोट भी। नीतीश कुमार ये बात न भूलें, ये सीख उन्हें महाराजगंज के चुनाव से मिल गई होगी।
बिहार से खबर है कि बिहार की बीजेपी इकाई ने इन पूरे हालातों के मद्देनजर के इमरजेंसी बैठक आहूत की है। सूत्र बता रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने अधिनस्थ अधिकारियों को कह दिया है कि उनके पास किसी भी फाइल को लेकर न आया जाए। इस बात से साफ संकेत हैं पार्टी अब सरकार में ज्यादा दिन नहीं रहेगी।
वहीं, एनडीए में बढ़ती दरार को रोकने के प्रयास में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने आज जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शरद यादव ने कहा कि खराब शक्ल ले चुके हालात को दुरूस्त करने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी नेताओं से बातचीत के बाद शरद यादव ने संवाददाताओं से कहा, एनडीए का अभी अस्तित्व है और हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हालात ने जो खराब शक्ल अख्तियार कर ली है, उसे ठीक किया जाए। यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी में आडवाणी की स्थिति कमजोर हुई है, शरद यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, हमारे लिए उनकी स्थिति कमजोर नहीं हुई है। उनके प्रति हमारा पहले जैसा सम्मान है।
इससे पहले, नीतीश ने कहा कि आडवाणी, राजनाथ और मुरली मनोहर जोशी ने उनसे फोन पर बातचीत की है। हालांकि नीतीश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने बीजेपी नेताओं को कोई आश्वासन नहीं दिया है। साथ ही, नीतीश ने संघीय मोर्चे के गठन से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी और नवीन पटनायक के साथ संपर्क में हैं। वहीं जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि वह जेडीयू की बैठक बुलाएंगे और उसमें फैसला लिया जाएगा। बैठक कब होगी, यह शाम तक तय हो जाएगा।
इस बीच, शिवसेना बीजेपी के समर्थन में उतर आई है। 'सामना' के संपादकीय में पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नीतीश को भी नसीहत दी है। उन्होंने लिखा है, हम बीजेपी के साथ हैं और रहेंगे। जेडीयू सम्मान दे और ले...किसी को इतना न दबाएं कि रिश्ता टूट जाए। मुस्लिम वोट अहम हैं, तो हिंदू वोट भी। नीतीश कुमार ये बात न भूलें, ये सीख उन्हें महाराजगंज के चुनाव से मिल गई होगी।
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