
जयपुर:
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच आज मुलाक़ात हुई। इस मुलाक़ात के बाद गडकरी ने साफ किया कि हमारी पार्टी वसुंधरा राजे और सुषमा स्वराज के साथ है।
उन्होंने कहा कि वसुंधरा पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वह कानूनी रूप से सही हैं। ललित मोदी मामले में वसुंधरा का नाम आने के बाद यह मुलाक़ात बेहद अहम मानी जा रही थी।
मामला सामने आने के बाद गडकरी बीजेपी के पहले बड़े नेता हैं, जिनसे वसुंधरा की मुलाक़ात हुई। यह मुलाक़ात जयपुर में वसुंधरा के घर पर हुई। गडकरी यहां नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
दरअसल, ललित मोदी मामले को लेकर वसुंधरा विपक्ष के निशाने पर हैं। ललित मोदी का कहना है कि साल 2011 में जब वह ब्रिटेन में प्रवास बढ़ाना चाहते थे, तब राजे ने मामले को गोपनीय बनाए रखने की शर्त पर उनकी इमीग्रेशन अर्जी का समर्थन किया था।
एनडीटीवी को मिले दस्तावेज बताते हैं कि आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी और उनकी पत्नी ने साल 2013 में घोषित किया था कि उनके पास दुष्यंत सिंह की कंपनी नियंत हेरिटेज होटल प्राइवेट लिमिटेड के 10 रुपये कीमत वाले करीब 6,000 शेयर हैं। इन शेयरों के लिए उन्होंने करीब 96 हजार रुपये प्रति शेयर चुकाए थे। इसके अलावा मोदी की कंपनी ने दुष्यंत सिंह की कंपनी को बिना किसी गारंटी के 11 करोड़ रुपये का लोन दिया था।
उन्होंने कहा कि वसुंधरा पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वह कानूनी रूप से सही हैं। ललित मोदी मामले में वसुंधरा का नाम आने के बाद यह मुलाक़ात बेहद अहम मानी जा रही थी।
मामला सामने आने के बाद गडकरी बीजेपी के पहले बड़े नेता हैं, जिनसे वसुंधरा की मुलाक़ात हुई। यह मुलाक़ात जयपुर में वसुंधरा के घर पर हुई। गडकरी यहां नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
दरअसल, ललित मोदी मामले को लेकर वसुंधरा विपक्ष के निशाने पर हैं। ललित मोदी का कहना है कि साल 2011 में जब वह ब्रिटेन में प्रवास बढ़ाना चाहते थे, तब राजे ने मामले को गोपनीय बनाए रखने की शर्त पर उनकी इमीग्रेशन अर्जी का समर्थन किया था।
एनडीटीवी को मिले दस्तावेज बताते हैं कि आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी और उनकी पत्नी ने साल 2013 में घोषित किया था कि उनके पास दुष्यंत सिंह की कंपनी नियंत हेरिटेज होटल प्राइवेट लिमिटेड के 10 रुपये कीमत वाले करीब 6,000 शेयर हैं। इन शेयरों के लिए उन्होंने करीब 96 हजार रुपये प्रति शेयर चुकाए थे। इसके अलावा मोदी की कंपनी ने दुष्यंत सिंह की कंपनी को बिना किसी गारंटी के 11 करोड़ रुपये का लोन दिया था।
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