बंगाल की बीरभूम में हुई हिंसा पर राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान, राज्‍य के DGP को लिखा पत्र

बीरभूम जिले में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की वजह से क्षेत्र में कम से कम आठ घरों में आग लगा दी गई, इसके परिणाम स्‍वरूप महिलाओं और नाबालिगों सहित आठ लोगों की मौत हो गई.

बंगाल की बीरभूम में हुई हिंसा पर राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान, राज्‍य के DGP को लिखा पत्र

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई हिंसा में महिलाओं-बच्‍चों सहित 8 लोगों की मौत हुई है

नई दिल्‍ली :

राष्‍ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) ने मीडिया में आई रिपोर्ट्स के आधार पर पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई हिंसा के मामले में संज्ञान लिया है. बीरभूम जिले में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की वजह से क्षेत्र में कम से कम आठ घरों में आग लगा दी गई, इसके परिणाम स्‍वरूप महिलाओं और नाबालिगों सहित 8 लोगों की मौत हो गई. राष्‍ट्रीय महिला आयोग (NCW) की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आयोग महिलाओं सहित लोगों पर हो रही क्रूरता से बहुत परेशान है और उन क्षेत्रों में महिलाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने के लिए अधिकारियों की ओर से चूक को गंभीरता से लिया है.इस बात को ध्‍यान में रखते हुए कि ऐसे संकट में महिलाएं सबसे ज्‍यादा असुरक्षित हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनना बेहद जरूरी हो जाता है और ऐसा किया जाना चाहिए.

मामले पर संज्ञान लेते हुए एनसीडब्‍ल्‍यू की प्रमुख रेखा शर्मा ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक का पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करने को कहा है. NCW ने इस जघन्‍य अपराध से जुड़े सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग भी की है. पत्र की एक प्रति बीरभूम के एसपी को भी भेजी गई है. मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी 24 घंटों में आयोग को देने के निर्देश भी दिए गए हैं. गौरतलब है कि बीरभूम का इस मामले की गूंज राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी सुनाई दी है. मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ द्वारा आठ लोगों की मौत की घटना को भयावह करार देने और राज्य के ‘हिंसा एवं अराजकता' की संस्कृति की गिरफ्त में होने का दावा करने के कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे ‘अनुचित बयान देने से बचने' का आग्रह किया. राज्‍यपाल धनखड़ को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी (राज्‍यपाल की) टिप्पणियां ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' हैं और ऐसे प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए अशोभनीय हैं. पत्र में ममता बनर्जी ने लिखा है, “ आपकी बातों और बयानों का राजनीतिक स्वर होता है, जो सरकार को धमकाने के लिए अन्य राजनीतिक दलों को समर्थन मुहैया कराते हैं.”इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीरभूम जिले में आग लगने से आठ लोगों की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब की है.

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