मुलायम सिंह यादव की भतीजी ने थामा बीजेपी का दामन, मैनपुरी से चुनाव मैदान में उतरीं

संध्या अभी तक समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैनपुरी ज़िला पंचायत की अध्यक्ष थीं. संध्या मुलायम सिंह के बड़े भाई अभयराम यादव की बेटी और समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं.

मुलायम सिंह यादव की भतीजी ने थामा बीजेपी का दामन, मैनपुरी से चुनाव मैदान में उतरीं

BJP ने सपा की कमान संभालने वाले मुलायम सिंह यादव के परिवार में लगाई सेंध

लखनऊ:

UP Panchayat Election 2021: BJP ने आखिरी सपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल कर ही ली.मुलायम सिंह यादव की भतीजी और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की चचेरी बहन संध्या यादव बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गईं. संध्या यादव (Sandhya Yadav, president Mainpuri district panchayat) ने मैनपुरी से ज़िला पंचायत चुनाव का पर्चा भर दिया. संध्या अभी तक समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैनपुरी ज़िला पंचायत की अध्यक्ष थीं. संध्या मुलायम सिंह के बड़े भाई अभयराम यादव की बेटी और समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं.

मैनपुरी ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद पर उनके पर्चा भरने के बाद जब पत्रकारों ने उनसे बीजेपी में जाने की वजह पूछी तो उन्होंने वहां खड़े बीजेपी ज़िला अध्यक्ष प्रदीप चौहान से जवाब देने कहा. प्रदीप चौहान ने मीडिया से कहा कि संध्या ने वो पार्टी जॉइन की है जिसके नेता नरेंद्र मोदी की मुलायम सिंह यादव ने खुद लोक सभा में तारीफ की थी.संध्या के पति अनुजेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने प्यार दिया,सम्मान दिया, इसलिए भाजपा से लड़ रहे हैं.


पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या यादव परिवार में आपको सम्मान नहीं मिला था क्या?" अनुजेश सवाल हंस कर टाल गए.
गौरतलब है कि इससे पहले मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव भी गाहे-बगाहे बीजेपी के पक्ष में खड़ी प्रतीत होती रही हैं. वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों में भी शरीक होती रही हैं. अपर्णा ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीजेपी की वैक्सीन वाले बयान का भी विरोध किया था.

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर सीधे अपने उम्मीदवार नहीं उतार रही है, लेकिन जिला पंचायत सदस्य के लिए तीन हजार से अधिक सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारेगी. इस चुनाव के जरिये भाजपा 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी अपनी जमीनी हकीकत का आकलन करेगी.