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This Article is From Mar 18, 2020

क्या कांग्रेस की सत्ता को बचा पाएंगे सरकार के यह फैसले, तीन नए जिले; नेताओं की नियुक्तियां

मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने चार दिनों में दूसरी बार बैठक की, तीन नए जिलों के निर्माण के लिए मंजूरी

क्या कांग्रेस की सत्ता को बचा पाएंगे सरकार के यह फैसले, तीन नए जिले; नेताओं की नियुक्तियां
भोपाल में कमलनाथ सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में कई फैसले लिए गए.
भोपाल:

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने 3 नए जिलों नागदा, मैहर और चाचौड़ा को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में 55 जिले हो जाएंगे. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने चार दिनों में दूसरी बार बैठक की, जहां दूसरे प्रस्तावों के अलावा तीन नए जिलों के निर्माण के लिए मंजूरी दी गई.

चाचौड़ा को जिला बनाने के लिए वर्तमान कांग्रेस विधायक और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह (पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के छोटे भाई) लंबे समय से मांग कर रहे थे. वरिष्ठता को नजरअंदाज़ कर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से लक्ष्मण सिंह नाराज थे. ऐसे में इस सियासी संकट के बीच माना जा रहा है चाचौड़ा को जिला बनाकर उन्हें शांत रखने की कोशिश की गई है. वहीं मैहर को एक अलग जिला बनाने की मांग वर्तमान बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी लंबे वक्त से कर रहे हैं (त्रिपाठी पिछले कई दिनों से अपनी पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे हैं, कई दफे वो देर रात मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर चुके हैं).

तीन जिलों के अलावा सरकार ने हाल ही में नियुक्त किए गए पांच कांग्रेस नेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया, इसके अलावा नौ और पार्टी नेताओं को राज्य मंत्री (MoS) का दर्जा दिया गया, जिन्हें अलग-अलग आयोगों का सदस्य नियुक्त किया गया है.

इसकी शुरुआत कांग्रेस नेताओं रामू टेकाम ( जो बैतूल सीट से 2019 लोकसभा चुनाव हार गए थे) और राशिद सोहेल सिद्दीकी (जबलपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष) के रूप में हुई जिन्हें मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया .

सोमवार को राज्य कांग्रेस मीडिया प्रभारी शोभा ओझा के रूप में राज्य महिला आयोग, पूर्व सांसद आनंद अहिरवार को अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में और कांग्रेस के एक अन्य नेता अभय तिवारी को राज्य युवा आयोग अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया.

इसके अलावा राज्य कांग्रेस के प्रवक्ता और अधिवक्ता जेपी धनोपिया को मंगलवार को राज्य ओबीसी आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. इन सभी पदों पर तीन साल की अवधि निर्धारित है और एक बार नियुक्त किए जाने के बाद राज्य में शासन बदलने पर भी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है.

सोमवार रात को राज्य सरकार ने 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को राज्य के मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया, जबकि वर्तमान मुख्य सचिव एसआर मोहंती (जो 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं) को भोपाल में राज्य प्रशासन अकादमी के प्रमुख के रूप में स्थानांतरित किया गया था.

बीजेपी ने मांग की है कि राज्यपाल इन नियुक्तियों को रद्द कर दें.

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