महंत नरेंद्र गिरि की अंतिम यात्रा में उमड़े लोग, गंगा स्नान के बाद बाघंबरी मठ में ही दी गई भू-समाधि

इससे पहले उनके पार्थिव शरीर का स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में पांच डॉक्टरों की पीठ ने पोस्टमार्टम किया. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन उनकी मौत फांसी लगने से बताई जा रही है. महंत के विसरा रिपोर्ट को संरक्षित रखा गया है. डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया.

प्रयागराज:

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव  महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े हैं. उनके पार्थिव शरीर को संगम तट पर स्नान के लिए ले जाया गया, जहां उन्हें अंतिम स्नान कराया गया है. इसके बाद पार्थिव शरीर को मठ में वापस लाया गया है. वहां महंत को भू-समाधि दी गई. महंत गिरि की इच्छानुसार उन्हें बाघंबरी मठ में नींबू के पेड़ के पास भू-समाधि दी गई है. समाधि स्थल को संतों ने फूलों से सजाया है. 

इससे पहले उनके पार्थिव शरीर का स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में पांच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन उनकी मौत फांसी लगने से बताई जा रही है. महंत के विसरा रिपोर्ट को संरक्षित रखा गया है. डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया.

पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई है. महंत गिरि की अंतिम यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने प्रयागराज के शहरी क्षेत्रों में 12वीं तक के सभी स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी कर दी है. उधर पुलिस के आलाधिकारियों ने मामले में आरोपी आनंद गिरि से लंबी पूछताछ की है. 


इस बीच, पंचायती अखाड़ा निरंजनी के आचार्य महामंडकेश्वर, कैलाशानंद गिरी जी ने महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि उनमें लिखे गए कई शब्द नरेंद्र गिरि के नहीं हैं. उन्होंने मांग की कि इस मौत की जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में हो.

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