
लालू यादव और परिवार का विवादों से रहा है नाता (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
लालू यादव और उनके परिवार के लिए दिक्कतों का दौर थमता नहीं दिखाई दे रहा है. खासतौर से, सीबीआई द्वारा हालिया कार्रवाई और पूछताछ के बाद इस परिवार के लिए ऐसा लगता है कि परेशानियों का सिलसिला अभी थमेगा नहीं. लालू यादव और उनके परिवार लगे आरोपों की जड़ें इतिहास तक जाती हैं जब लालू रेल मंत्री हुआ करते थे.
लालू यादव के परिवार के सदस्यों से जुड़े एकदम ताज़ा मामले में तेजस्वी यादव पर सिक्यॉरिटी गार्ड्स से कथित बदसलूकी का मामला सामना आया है. आरोप है कि बिहार विधानसभा के गेट पर तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों की मीडियाकर्मियों से बदसलूकी की. यह वाकया उस वक्त हुआ जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे. उनके सुरक्षाकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के कर्मचारी से धक्कामुक्की की. इस मामले में फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की खबरें भ्रामक और गलत हैं. मैं तो मीडियाकर्मियों के आग्रह पर बातचीत के लिए 5-7 मिनट तक इंतजार करता रहा ताकि वे आपसी प्रतिस्पर्द्धा को छोड़कर बात कर सकें लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ.
पिछले दिनों आयकर विभाग ने दिल्ली से लेकर पटना तक लालू प्रसाद यादव के परिवार की कई बेनामी संपत्तियां ज़ब्त की गईं. इनमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पुत्री मीसा भारती, दामाद शैलेश कुमार और लालू की अन्य दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव की बेनामी संपत्तियां शामिल हैं. भले ही इस कार्रवाई को बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू के बेटे तेजस्वी यादव 'राजनैतिक बदले की कार्रवाई' बताते रहे हों लेकिन बिहार के कद्दावर राजनीतिक परिवार का विवादों से पुराना नाता रहा है. होटल के बदले भूखंड मामले में तेजस्वी यादव का नाम सामने आने के बाद मीडिया से पहली बार खुद मुखातिब होते हुए तेजस्वी ने कहा है कि ये महागठबंधन को तोड़ने की बीजेपी की साजिश है क्योंकि वह डरी हुई है और इसलिए इस तरह के आरोप लगा रही है.
सीबीआई द्वारा कहा गया कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते कई गड़बड़ियां हुईं. केंद्रीय जांच एजेंसी के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने रेलवे होटल टेंडर्स घोटाले को लेकर की गई छापेमारी पर कहा कि लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहते गड़बड़ियां हुई. टेंडर के बदले लालू यादव को बदले में सस्ती जमीन देने का आरोप है. सीबीआई ने होटलों के रखरखाव के लिए निविदाएं (टेंडर) देने में कथित अनियमितताओं के मामले भी बनते हैं.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी पिछले दो महीने में लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पर एक शॉपिंग माल का निर्माण, 90 लाख के मिट्टी घोटाले के अलावा लालू प्रसाद पर लोकसभा-विधानसभा का टिकट देने, नौकरी देने, मंत्री बनाने या अन्य उपकार के बदले कई संपत्ति गिफ्ट के तौर पर लेने तथा उनकी बेटी मीसा भारती पर दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का सिलसिलेवार आरोप लगाया गया है.
सुशील कुमार मोदी ने लालू की बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती पर देश की राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की ज़मीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया था. सुशील कुमार मोदी का दावा था मीसा भारती ने अपने पति के साथ मिलकर शेल कंपनियों के ज़रिये यह ज़मीन खरीदी थी. सुशील कुमार मोदी इससे पहले लालू प्रसाद यादव के पुत्रों तेजस्वी तथा तेजप्रताप पर भी फर्ज़ी कंपनियों की मदद से 1,000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप लगा चुके हैं.
लालू यादव के परिवार के सदस्यों से जुड़े एकदम ताज़ा मामले में तेजस्वी यादव पर सिक्यॉरिटी गार्ड्स से कथित बदसलूकी का मामला सामना आया है. आरोप है कि बिहार विधानसभा के गेट पर तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों की मीडियाकर्मियों से बदसलूकी की. यह वाकया उस वक्त हुआ जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे. उनके सुरक्षाकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के कर्मचारी से धक्कामुक्की की. इस मामले में फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की खबरें भ्रामक और गलत हैं. मैं तो मीडियाकर्मियों के आग्रह पर बातचीत के लिए 5-7 मिनट तक इंतजार करता रहा ताकि वे आपसी प्रतिस्पर्द्धा को छोड़कर बात कर सकें लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ.
पिछले दिनों आयकर विभाग ने दिल्ली से लेकर पटना तक लालू प्रसाद यादव के परिवार की कई बेनामी संपत्तियां ज़ब्त की गईं. इनमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पुत्री मीसा भारती, दामाद शैलेश कुमार और लालू की अन्य दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव की बेनामी संपत्तियां शामिल हैं. भले ही इस कार्रवाई को बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू के बेटे तेजस्वी यादव 'राजनैतिक बदले की कार्रवाई' बताते रहे हों लेकिन बिहार के कद्दावर राजनीतिक परिवार का विवादों से पुराना नाता रहा है. होटल के बदले भूखंड मामले में तेजस्वी यादव का नाम सामने आने के बाद मीडिया से पहली बार खुद मुखातिब होते हुए तेजस्वी ने कहा है कि ये महागठबंधन को तोड़ने की बीजेपी की साजिश है क्योंकि वह डरी हुई है और इसलिए इस तरह के आरोप लगा रही है.
सीबीआई द्वारा कहा गया कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते कई गड़बड़ियां हुईं. केंद्रीय जांच एजेंसी के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने रेलवे होटल टेंडर्स घोटाले को लेकर की गई छापेमारी पर कहा कि लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहते गड़बड़ियां हुई. टेंडर के बदले लालू यादव को बदले में सस्ती जमीन देने का आरोप है. सीबीआई ने होटलों के रखरखाव के लिए निविदाएं (टेंडर) देने में कथित अनियमितताओं के मामले भी बनते हैं.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी पिछले दो महीने में लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पर एक शॉपिंग माल का निर्माण, 90 लाख के मिट्टी घोटाले के अलावा लालू प्रसाद पर लोकसभा-विधानसभा का टिकट देने, नौकरी देने, मंत्री बनाने या अन्य उपकार के बदले कई संपत्ति गिफ्ट के तौर पर लेने तथा उनकी बेटी मीसा भारती पर दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का सिलसिलेवार आरोप लगाया गया है.
सुशील कुमार मोदी ने लालू की बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती पर देश की राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की ज़मीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया था. सुशील कुमार मोदी का दावा था मीसा भारती ने अपने पति के साथ मिलकर शेल कंपनियों के ज़रिये यह ज़मीन खरीदी थी. सुशील कुमार मोदी इससे पहले लालू प्रसाद यादव के पुत्रों तेजस्वी तथा तेजप्रताप पर भी फर्ज़ी कंपनियों की मदद से 1,000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप लगा चुके हैं.
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