
नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर किसानों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. आठ दौर की बैठक हो जाने के बावजूद भी कानूनों को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है. अब 15 जनवरी को अगले दौर की बैठक होनी है. किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में किसान परेड (ट्रैक्टर परेड) निकाल आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है. इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रेस वार्ता में कहा कि हर घर तक पहुंचने के लिए कमेटी लोगों से संपर्क करेगी और 26 जनवरी के आंदोलन में आने की अपील करेगी.
किसान मोर्चा ने कहा, "हमारी कमेटी जोगीराम सिहाग, गौतम व अन्य विधायकों से मिलकर इस्तीफे की मांग करेगी." किसान नेताओं ने कहा कि कल के कार्यक्रम की हम निंदा करते हैं, हमारे किसान भाइयों पर जो केस लगाए गए हैं, वो झूठे हैं. उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर किसान दिल्ली के लिए चलेंगे. हर गांव से 5 टैक्टर निकलेंगे, जिसमें एक टैक्टर महिलाओं का होगा.
संयुक्त किसान मोर्चा की प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु :-
- 13 जनवरी को किसान संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा.
- 18 जनवरी को किसान महिला दिवस के रूप में मनाया जाएगा.
- हमारी कमेटी जोगीराम सिहाग, गौतम व अन्य विधायकों से मिलकर इस्तीफे की मांग करेगी.
- कल के कार्यक्रम की हम निंदा करते हैं. हमारे किसान भाइयों पर जो केस लगाएं हैं. वो झूठे हैं.
- हर घर तक कमेटी बनाकर 26 जनवरी के लिए आंदोलन में आने की अपील करेंगे.
- 13 जनवरी को लोहड़ी के पर्व पर तीनों काले कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी.
- 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र की जयंती पर किसान दिल्ली के लिए चलेंगे.
- हर गांव से 5 ट्रैक्टर निकलेंगे, जिसमें एक ट्रैक्टर महिलाओं का होगा.
- जल्द ही एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसमें आंदोलन की कवरेज लाइव रहेगी और आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जाएंगी. सोशल मीडिया पर किसानों की टीम लगातार काम कर रही है.
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