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This Article is From Apr 26, 2016

सांसद भी नहीं ले पाएंगे संसद से बार-बार छुट्टी, आचार संहिता बनाने की मांग

सांसद भी नहीं ले पाएंगे संसद से बार-बार छुट्टी, आचार संहिता बनाने की मांग
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली: संसद से बार-बार छुट्टी लेने वाले सांसदों पर लगाम लगाने के लिए नियमित सांसदों ने आचार संहिता बनाने की मांग की है। दरअसल, राज्यसभा में टीएमसी सांसद मिथुन चक्रवर्ती ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए मौजूदा सत्र से अनुपस्थित रहने की अर्जी दी थी। जैसे ही उप-सभापति पीजे कुरियन ने मिथुन की इस अर्ज़ी को पढ़ा तो एसपी के नरेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ सांसद छुट्टी की इस सुविधा का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं।

'संसद से छुट्टी लेकर प्राइवेट कंपनियों का विज्ञापन करते हैं'
मामले में अग्रवाल को फौरन जेडी (यू) के केसी त्यागी का साथ मिल गया।  त्यागी ने कहा कि संसद में बाक़ी सांसद कितनी बार डंडे खाकर पहुंचते हैं, जबकि कुछ लोग संसद से छुट्टी लेकर प्राइवेट कंपनियों के लिए विज्ञापन करते रहते हैं। ऐसे मामलों में आचार संहिता बनाने की मांग करते हुए त्यागी ने कहा कि राजनीतिक दलों को भी चाहिये कि वे ऐसे लोगों को संसद में भेजें जो यहां आएं।

मिथुन ने किए हैं स्वास्थ्य जुड़े कागजात पेश
मामले में मिथुन को घिरता देख टीएमसी के सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि मिथुन ने अपने स्वास्थ्य से जुड़े कागज़ात भी पेश किये हैं, लिहाज़ा उनकी छुट्टी की अर्जी को माना जाना चाहिये। अंत में उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि फिलहाल चेयर के पास इस मामले में ऐसा कोई कारण मौजूद नहीं है कि वो छुट्टी लेने के इस कारण पर अविश्वास करे।

रेखा, सचिन और मिथुन की छुट्टियों का मसला पिछले साल भी उठा
फिल्म अभिनेत्री रेखा, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और मिथुन चक्रवर्ती की कोई न कोई कारण बता कर ली गई छुट्टियों का मसला पिछले साल भी राज्यसभा में उठ चुका है। आंकड़े बताते हैं कि इन तीनों सांसदों ने राज्यसभा में अब तक किसी भी बहस में हिस्सा नहीं लिया है।

क्या कहता है नियम
नियमों के अनुसार अगर कोई सांसद लगातार 60 सिटिंग्स में अनुपस्थित रहे तो उसको डिसक्वालिफाई किया जा सकता है।

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