कार्यक्रम की फाइल फोटो
- इस मौके पर सेलुलर जेल की अधिकारी भी मौजूद थीं
- अलग-अलग जेल की महिलाओं को मिला यह सम्मान
- जेल में रहते हुए अलग काम करने के लिए मिला यह सम्मान
नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अंडमान निकोबार के नेशनल मेमोरियल सेलुलर जेल के बाहर महिला कैदियों को सम्मानित किया गया. इन महिलाओं को उनके द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्य के लिए 'तिनका-तिनका बंदिनी अवार्ड' से सम्मानित किया गया है. खास बात यह है कि जिन पांच महिला कैदियों को इस सम्मान से नवाजा गया उनमें से एक कैदी को मौत की सजा दी गई है जबकि तीन अन्य कैदी उम्र कैद की सजा काट रही हैं.
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इस मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेलुलर जेल की सोशल वेलफेयर एंड जनरल एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी रश्मि सिंह भी मौजूद थीं. वह एक आईएएस हैं. महिला कैदियों को दो कैटेगरी ( स्कूल एंड कौशल और आर्ट एंड क्रिएटिविटी कैटेगरी) में सम्मानित किया गया. जिन कैदियों को सम्मानित किया गया है उनमें फमिदा हनीफ सैय्यद, मिनाबेन हरसुरबाई खुमान, सरोज देवी, मुस्कान और बेबी शामिल हैं.
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गौरतलब है कि फमिदा हनीफ जो नागपुर जेल में बंद है को प्रिजन एडमिनिस्ट्रेशन को मदद करने के लिए यह सम्मान दिया गया है.
VIDEO: महिलाओं ने दिखाया स्टंट.
वहीं मिनाबेन जो राजकोट की जेल में हैं को जेल में बंद कैदियों के बच्चों को पढ़ाने के लिए जबकि सरोज देवी को फिरोजाबाद के जेल में कैदियों के कपड़े सिलने में मदद करने के लिए यह सम्मान दिया गया है.
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इस मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेलुलर जेल की सोशल वेलफेयर एंड जनरल एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी रश्मि सिंह भी मौजूद थीं. वह एक आईएएस हैं. महिला कैदियों को दो कैटेगरी ( स्कूल एंड कौशल और आर्ट एंड क्रिएटिविटी कैटेगरी) में सम्मानित किया गया. जिन कैदियों को सम्मानित किया गया है उनमें फमिदा हनीफ सैय्यद, मिनाबेन हरसुरबाई खुमान, सरोज देवी, मुस्कान और बेबी शामिल हैं.
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गौरतलब है कि फमिदा हनीफ जो नागपुर जेल में बंद है को प्रिजन एडमिनिस्ट्रेशन को मदद करने के लिए यह सम्मान दिया गया है.
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वहीं मिनाबेन जो राजकोट की जेल में हैं को जेल में बंद कैदियों के बच्चों को पढ़ाने के लिए जबकि सरोज देवी को फिरोजाबाद के जेल में कैदियों के कपड़े सिलने में मदद करने के लिए यह सम्मान दिया गया है.
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