अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 14 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री बतानी होगी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन

ओमिक्रॉन को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिंता के रूप में वर्गीकृत किया गया है. नए दिशा निर्देश 1 दिसंबर 2021 से अगले आदेश तक जारी रहेंगे.

नई दिल्ली:

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर भारत सरकार की ने दूसरे देश से आने वाले यात्रियों के लिए आज नई गाइडलाइंस जारी की हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके मद्देनजर जारी प्रेस नोट में कहा कि दुनिया में कुछ देशों को छोड़कर हर जगह कोरोना के मामले कम हो रहे हैं. वायरस की लगातार बदलती प्रकृति और चिंता के SARS-CoV-2 वेरिएंट (VOCs) के निगरानी की आवश्यकता अभी भी ध्यान में होनी चाहिए. भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए मौजूदा दिशा-निर्देश जोखिम-आधारित दृष्टिकोण के आधार पर तैयार किए गए हैं. मौजूदा दिशानिर्देशों को SARS-CoV-2 (B.1.1.1.529; Omicron) वैरिएंट के मद्देनजर संशोधित किया गया है. ओमिक्रॉन को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिंता के रूप में वर्गीकृत किया गया है. नए दिशा निर्देश 1 दिसंबर 2021 से अगले आदेश तक जारी रहेंगे.

जानें क्या हैं नई गाइडलाइंस

-ऑनलाइन एयर सुविधा पोर्टल पर निर्धारित यात्रा से पहले पिछले 14 दिनों के यात्रा विवरण सहित सेल्फ डिक्लरेशन फॉर्म जमा करना होगा (https://www.newdelhiairport.in/airsuvidha/apho-registration).

-यात्री को COVID-19 RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट अपलोड करनी होगी. यह रिपोर्ट यात्रा शुरू करने से पहले 72 घंटे के भीतर की होना चाहिए.

-सभी यात्रियों को कोविड रिपोर्ट की प्रामाणिकता के संबंध में भी डिक्लरेशन देनी होगी.

-यात्रियों को यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वे होम/इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन से गुजरने के लिए सरकारी निर्णय का पालन करेंगे.

-12 जोखिम श्रेणी वाले देशों के यात्रियों को परीक्षण और अतिरिक्त निगरानी के अधीन रखा जाएगा. उन्हें अराइवल के बाद कोविड टेस्ट से गुजरना होगा और किसी भी कनेक्टिंग फ्लाइट को छोड़ने या लेने से पहले हवाई अड्डे पर जांच के परिणामों का इंतजार करना होगा. अगर टेस्ट नेगेटिव है, तो वे 7 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन का पालन करेंगे, 8 वें दिन फिर टेस्ट कराना होगा और फिर नेगेटिव रिपोर्ट आती है तो अगले 7 दिनों के लिए उन्हें खुद अपने स्वास्थ्य की निगरानी करना जरूरी होगा.

-'जोखिम श्रेणी वाले देशों' को छोड़कर अन्य देशों के यात्रियों को हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति होगी और उन्हें 14 दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी.

जोखिम श्रेणी में 12 देश

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1. यूनाइटेड किंगडम सहित यूरोप के देश
2. दक्षिण अफ्रीका
3. ब्राजील
4. बांग्लादेश
5. बोत्सवाना
6. चीन
7. मॉरीशस
8. न्यूजीलैंड
9. जिम्बाब्वे
10. सिंगापुर
11. हांगकांग
12. इसराइल