
केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद बीमा बिल को लेकर संसद में जारी गतिरोध टूट नहीं रहा है। बिल को सेलेक्ट कमेटी को सौंपने की मांग पर कांग्रेस अड़ी हुई है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस को 10 पार्टियों का समर्थन भी मिल गया है, जिनमें तृणमूल कांग्रेस, सीपीआईएम, सीपीआई, जेडीयू, एसपी, बीएसपी और डीएमके शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस की सहयोगी पार्टी एनसीपी बिल का समर्थन कर रही है। अब बिल के राज्यसभा में पेश होने की उम्मीद कम है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी की ओर से लगाए गए दोहरे मापदंड के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी ने बिल पर कोई यू−टर्न नहीं लिया है। इस बिल के जरिये बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव है।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने इसके विरोध में हड़ताल की धमकी दी है। 7 अगस्त यानी गुरुवार को बीएमएस ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई है, जिसमें कई और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
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