
कोरोना संकट के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर खरी-खरी सुनाई है. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि उसे आत्मअवलोकन करना चाहिए कि क्यों उसे सार्वभौमिक रूप से आतंकवाद का "अंतर्राष्ट्रीय उपरिकेंद्र" और "आतंकियों के लिए सबसे अच्छा सुरक्षित आश्रय" (Best safe haven for terrorists) माना जाता है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख महावीर सिंघवी (Mahaveer Singhvi) ने वर्चुअल काउंटर-टेररिज्म वीक (virtual Counter-Terrorism Week) के अवसर पर आयोजित वेबिनार में यह बात कही. सिंघवी ने कहा, "ऐसे समय जब दुनिया कोरोना महामारी से खिलाफ एक साथ आ रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान, एक मुल्क जो सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करता है, भारत के खिलाफ झूठे बयान देने और बेबुनियाद, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक आरोप लगाने के लिए हर अवसर का उपयोग करना जारी रखता है और हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है. उन्होंने कहा "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को अपने नियंत्रण में इस क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहना चाहिए.''
जम्मू-कश्मीर मुद्दे सहित भारत की घरेलू नीतियों और आंतरिक मामलों में दखल के लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए सिंघवी ने कहा, 'पाकिस्तान न केवल आतंकवादियों को आश्रय और समर्थन प्रदान करता है बल्कि यह केंद्र शासित प्रदेश (कश्मीर) की स्थिति पर झूठे और अनर्गल प्रचार में भी लिप्त है.'
उन्होंने कहा, "भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को अपने सैन्य, वित्तीय, तार्किक समर्थन को पाकिस्तान स्वतंत्रता के संघर्ष के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहा है. यह भारत के घरेलू कानून और नीतियों के बारे में झूठी सूचनाएं भी फैला रहा है. यदि पाकिस्तान यह चाहता है कि आतंकवाद के विनाशकारी वायरस के खिलाफ उसकी जंग को गंभीरत से लिया जाए तो उसे अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए और अपनी "विभाजनकारी रणनीति" को छोड़ना चाहिए.'' सिंघवी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि पाकिस्तान आसानी से दूसरों पर तो दोष मढ़ता है लेकिनबलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए "आंखें मूंद लेता है."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)