New Delhi:
सरकार ने कहा है कि अमेरिकी अदालत में तहव्वुर राना के मामले में हुए फैसले से भारत को कोई झटका नहीं लगा है, क्योंकि भारत अन्य देशों में आतंकी संदिग्धों पर चलने वाले मामलों पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता। अमेरिका की एक अदालत ने मुंबई हमलों के मामले में आरोपी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राना को हमलों में सहयोग करने के आरोप से बरी कर दिया। हालांकि उसे लश्कर-ए-तैयबा को साज-ओ-सामान उपलब्ध कराने और डेनमार्क में एक आतंकवादी साजिश में मदद करने का दोषी ठहराया गया है। गृह मंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा के सचिव यूके बंसल ने संवाददाताओं से कहा, मैं इसे झटके के तौर पर नहीं देखता, क्योंकि हमारे मामले में अब भी जांच चल रही है। बंसल ने कहा, राना और उसके सह-आरोपी डेविड हेडली के खिलाफ भारत में मुकदमा हमारी अपनी जांच पर निर्भर करता है, जो भारतीय जांच एजेंसियां कर रहीं हैं। उन्होंने कहा, भारत में आतंकवाद से निपटने के मामले में हम अन्य देशों के इस संबंध में चलने वाले मुकदमे पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते।
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