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This Article is From Apr 06, 2015

यमन से 1000 और भारतीयों की सुरक्षित वापसी, अमेरिका सहित कई दूसरे देशों ने भी मांगी भारत से मदद

यमन से 1000 और भारतीयों की सुरक्षित वापसी, अमेरिका सहित कई दूसरे देशों ने भी मांगी भारत से मदद
नई दिल्ली:

यमन में जारी गोलाबारी के बीच एयर इंडिया और नौसेना ने सोमवार को करीब एक हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि भारत अब तक करीब तीन हजार लोगों को यमन से निकाल चुका है और दावा किया कि बाकी बचे लोग भी आज निकाल लिए जाएंगे। हालांकि ये काम मुश्किल लग रहा है।

एयर इंडिया की उड़ानों से सोमवार को सना से 574 लोगों को जिबूती पहुंचा दिया गया है। जबकि नौसेना का युद्दपोत आईएनएस-मुंबई यमन के बंदरगाह अल हुदैदा से 474 लोगों को लेकर जिबुती के लिए निकल पड़ा। जिबुती से एक अप्रैल से शुरू हुए भारतीय वायुसेना के राहत अभियान में ट्रांसपोर्ट विमान सी-17 ने अब तक 1150 लोगों को वहां से निकाल कर कोच्चि और मुंबई पहुंचाया है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत को कई देशों की ओर से यमन से उनके नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए मदद का अनुरोध मिला है। इन देशों में बंग्लादेश, क्यूबा, चेक गणराज्य, जिबूती, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, इराक, इंडोनेशिया, आयरलैंड, लेबनान, मलेशिया, नेपाल, फिलीपीन्स, रोमानिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, सिंगापुर, स्वीडन, तुर्की, अमेरिका और ख़ुद यमन भी शामिल हैं।

रक्षा मंत्री के उलट विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने इस बात से इंकार किया कि 'ऑपरेशन राहत' सोमवार को ख़त्म हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक अभियान का पहला चरण पूरा हो रहा है। सोमवार रात तक तीन हज़ार से ज्यादा भारतीय निकाल लिए जाएंगे। बाकी एक से डेढ़ हज़ार लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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