
इरोम चानू शर्मिला का फाइल फोटो...
इंफाल:
इंफाल की एक अदालत ने मणिपुरी अधिकार कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मिला को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आज आदेश दिया जो कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) निरस्त करने की मांग को लेकर 15 सालों से अनशन पर हैं।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) (पूर्व) ने शर्मिला को रिहा करने का आदेश दिया, जिस पर अफ्सपा निरस्त करने को लेकर दबाव बनाने के वास्ते एक अनिश्चितकालीन अनशन करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 309 के तहत आरोप लगाया गया है। अदालत ने शर्मिला को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि इस महिला के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का कोई सबूत नहीं है।
शर्मिला ने अदालत परिसर में मीडिया से कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह लोगों की सहयोग से अफ्सपा निरस्त करने की अपनी मांग प्राप्त कर लेंगी। उन्होंने अपनी मांग के लिए अपना अनशन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
शर्मिला को अदालत से यहां स्थित जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस वापस ले जाया गया, जहां 24 घंट पुलिस की सुरक्षा रहती है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) (पूर्व) ने शर्मिला को रिहा करने का आदेश दिया, जिस पर अफ्सपा निरस्त करने को लेकर दबाव बनाने के वास्ते एक अनिश्चितकालीन अनशन करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 309 के तहत आरोप लगाया गया है। अदालत ने शर्मिला को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि इस महिला के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का कोई सबूत नहीं है।
शर्मिला ने अदालत परिसर में मीडिया से कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह लोगों की सहयोग से अफ्सपा निरस्त करने की अपनी मांग प्राप्त कर लेंगी। उन्होंने अपनी मांग के लिए अपना अनशन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
शर्मिला को अदालत से यहां स्थित जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस वापस ले जाया गया, जहां 24 घंट पुलिस की सुरक्षा रहती है।
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