
नई दिल्ली:
क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को राज्यसभा से इस्तीफा देकर सभी को हैरत में डाल लिया। उनके आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल होने की अटकलें हैं। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिद्धू के पक्ष में ट्वीट किया है।
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में नवजोत सिंह सिद्धू के साहस की तारीफ की है। उन्होंने कहा, 'कभी सुना है किसी ने राज्य के लिए पद छोड़ दिया हो। लोग राज्यसभा सांसद बनने के लिए अपना दायां हाथ दे दें।'
इससे पहले इस्तीफे पर संक्षिप्त बयान में सिद्धू ने अपनी भावी योजना के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत हैं कि वह अपनी पार्टी में राज्य में चल रही चीजों से नाखुश थे।
सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' सिद्धू की पत्नी ने भी बीजेपी छोड़ दी है।
इस मुद्दे पर अटकलों का बाजार गर्म रहने के बीच आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कहा कि यदि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, तो वह बाहें फैलाकर उनका स्वागत करेगी।
नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। वहीं, भगवंत मान का कहना है, ‘सिद्धू अक्सर बोलते रहते हैं कि मैं अकालियों के साथ नहीं जा सकता। अगर बीजेपी और अकाली ने पंजाब में हाथ मिलाया तो मैं बोलूंगा कि लोग आम आदमी पार्टी को वोट दें।’
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में नवजोत सिंह सिद्धू के साहस की तारीफ की है। उन्होंने कहा, 'कभी सुना है किसी ने राज्य के लिए पद छोड़ दिया हो। लोग राज्यसभा सांसद बनने के लिए अपना दायां हाथ दे दें।'
People can give their rt hand for an RS seat. Ever seen a sitting RS MP resigning to save his state? I salute Sidhu ji for his courage
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 18, 2016
इससे पहले इस्तीफे पर संक्षिप्त बयान में सिद्धू ने अपनी भावी योजना के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत हैं कि वह अपनी पार्टी में राज्य में चल रही चीजों से नाखुश थे।
सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' सिद्धू की पत्नी ने भी बीजेपी छोड़ दी है।
इस मुद्दे पर अटकलों का बाजार गर्म रहने के बीच आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कहा कि यदि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, तो वह बाहें फैलाकर उनका स्वागत करेगी।
नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। वहीं, भगवंत मान का कहना है, ‘सिद्धू अक्सर बोलते रहते हैं कि मैं अकालियों के साथ नहीं जा सकता। अगर बीजेपी और अकाली ने पंजाब में हाथ मिलाया तो मैं बोलूंगा कि लोग आम आदमी पार्टी को वोट दें।’
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