दिल्ली में किस आयु के लिए कितनी बची है कोरोना की वैक्सीन, सरकार ने जारी किये आंकड़े

दिल्ली (Delhi) में आज की तारीख में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए को-वैक्सीन की 2 लाख 23 हजार डोज़ स्टॉक में है और कोविशील्ड की 2 लाख 43 हजार डोज़ स्टॉक में है.

दिल्ली में किस आयु के लिए कितनी बची है कोरोना की वैक्सीन, सरकार ने जारी किये आंकड़े

दिल्ली सरकार के मुताबिक 18 से 44 उम्र तक के लिए दिल्ली को को-वैक्सीन की डेढ़ लाख डोज़ मिली हैं.

नई दिल्ली:

दिल्ली (Delhi) में आज की तारीख में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए को-वैक्सीन की 2 लाख 23 हजार डोज़ स्टॉक में है और कोविशील्ड की 2 लाख 43 हजार डोज़ स्टॉक में है. वहीं, 18 से 44 साल के लिए को-वैक्सीन की 47 हजार डोज़, और कोविशील्ड की 2 लाख 26 हजार डोज़ स्टॉक में है. दिल्ली सरकार के मुताबिक 18 से 44 उम्र तक के लिए दिल्ली को को-वैक्सीन की डेढ़ लाख डोज़ मिली हैं और कोविशील्ड की 4 लाख डोज़ मिली हैं। कुल 5 लाख 50 हजार डोज़ दिल्ली को मिले हैं. इसी तरह 45 साल से अधिक, हेल्थकेयर वर्कर्स और फ़्रंट लाइन वर्कर्स के लिए को-वैक्सीन की 33 लाख 91 हजार 800 डोज़ मिली है. जबकि कोविशील्ड की 29 लाख 28 हजार 690 डोज़ मिली हैं. 8 मई को दिल्ली में कुल 1 लाख 28 हजार 441 लोगों को वैक्सीन दी गयी. अब तक दिल्ली में कुल 38 लाख 96 हजार 551 लोगों को अबतक वैक्सीन लगाई गयी है.

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इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के टीके की कमी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, 'दिल्ली में 18-45 साल के 92 लाख लोग हैं, आप सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को निर्देश दें कि मई से जुलाई के दौरान हर महीने 60 लाख वैक्सीन डोज़ दिल्ली को सप्लाई करें.' दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लिखा कि 18-45 और 45 से ऊपर के दोनों आयु वर्ग के मद्देनजर दिल्ली को हर महीने 83 लाख डोज़ चाहिए ताकि अगले 3 महीने में टीकाकरण पूरा हो सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अभी रोजाना एक लाख टीके लगा रहे हैं, जिसको बढ़ाकर तीन लाख तक करने जा रहे हैं. इसलिए हमारी क्षमता 90 लाख टीके प्रति माह लगाने की होगी. केजरीवाल ने यह भी कहा कि कोरोना वैक्सीन की कीमत एक होनी चाहिए चाहे केंद्र सरकार खरीदे या राज्य सरकार खरीदे या फिर प्राइवेट अस्पताल. मुख्यमंत्री के अनुसार, अभी के हालात में वैक्सीन बनाने वाला प्राइवेट अस्पताल को पहले वैक्सीन देगा क्योंकि प्राइवेट अस्पताल को वैक्सीन देने में फायदा ज्यादा है. प्राइवेट हॉस्पिटल को महंगी डोज़ मिलती है.

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केजरीवाल ने कोविन ऐप को लेकर आ रही परेशानियों का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने लिखा, Cowin ऐप में समस्या आ रही है, जिससे आम लोगों का समय बर्बाद हो रहा है. आप राज्यों को अनुमति दीजिए कि वह टीका लगाने के लिए अपनी कोई ऐप या तरीका बना सकें. इससे लोगों को टीका लगवाने में दिक्कत ना हो और वह लोग भी टीका लगा सके तो टेक्नोलॉजी नहीं जानते.

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