
हैदराबाद के इंजीनियरिंग के करीब 24 छात्रों के रविवार को शाम मंडी से करीब 40 किलोमीटर दूर मनाली-कीरतपुर राजमार्ग पर थालोत के पास व्यास नदी में बहने की आशंका है।
छात्र पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश का दौरा उस समय त्रासद हो गया जब नदी के किनारे पर तस्वीरें खींच रही छात्र और छात्राएं नदी में अचानक पानी बढ़ने से बह गए। नदी में पानी 126 मेगावाट लार्जी जलविद्युत परियोजना जलाशय से पानी छोड़ने के बाद बढ़ा।
शिमला में अधिकारियों के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार 18 लड़के और छह लड़कियों के डूबने की आशंका है। जलाशय से पानी छोड़ने से नदी में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया। छात्र इसकी चपेट में आ गए क्योंकि परियोजना अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से बिना किसी चेतावनी के पानी छोड़ दिया था।
घटना के बाद नाराज लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। लापता छात्रों की खोज के लिए व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया है लेकिन अंधेरा होने के चलते कोई सफलता नहीं मिली।
इन लापता छात्रों में 18 लड़के और छह लड़कियां शामिल हैं।
राज्य के अधिकारियों ने कहा है कि छात्रों के जिंदा मिलने की संभावना बहुत कम है। बचाव प्रयासों के तहत गोताखोरों को सेवा में लगाया गया है। नदी के किनारे पर नहीं जाने वाले करीब 20 छात्र सुरक्षित हैं, लेकिन बेहद घबराए हुए हैं। एडीजीपी (सीआईडी) एसआर मारदी ने कहा कि उनसे लापता छात्रों की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
बांध के नीचे नदी के दोनों ओर रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे किसी व्यक्ति को देखने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस घटना से सदमे में आए छात्रों के अभिभावक और मित्र लापता छात्रों की जानकारी लेने के लिए फोन कॉल कर रहे हैं।
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