
आयुष मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर 20 करोड़ रुपये व्यय कर रहा है।
नई दिल्ली:
रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार के दो दिग्गज मंत्री वित्त मंत्री अरुण जेटली और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू दिल्ली के राजपथ पर योग गुरू रामदेव द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुए। सवाल यह उठता है कि इस आयोजन के लिए राशि कौन खर्च कर रहा है और सरकार इस आयोजन पर कुल कितना व्यय कर रही है?
आयुष मंत्रालय और 21 योग संस्थान आयोजक
सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि बाबा रामदेव का कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ का आयोजन था। केंद्र ने इस आयोजन के लिए कोई पैसा नहीं दिया। 21 जून हो योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन आयुष के सहयोग से 21 योग संस्थान कर रहे हैं। यानि मुख्य रूप से आयोजन का जिम्मा मंत्रालय का है। आयुष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस दूसरे वर्ष के आयोजन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें से करीब आधी राशि विज्ञापन, प्रचार अभियान और टीवी, अखबार, पत्रिकाएं, सोशल मीडिया आदि में विशेष कार्यक्रमों पर खर्च की जानी है।
सैकड़ों देशों में आयोजन
बड़ी जनभागीदारी में होने वाले योग अभ्यास कार्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए टी शर्ट, कैप, मैट आदि पर भी सरकार व्यय करेगी। यह आयोजन कई देशों में होना है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध 193 देशों में योग दिवस मनाया जाएगा। सिर्फ लीबिया और यमन में यह आयोजन नहीं होगा।
नजर उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव पर
आयोजन के 20 करोड़ के बजट में न तो सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला व्यय शामिल है न ही विभिन्न राज्य सरकारों का व्यय शामिल है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत हासिल जानकारी से पता चला कि आयुष ने पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर 32.5 करोड़ रुपये व्यय किए थे। इस साल इसका बजट कम रखा गया है लेकिन सरकार इसे बड़े व्यापक स्तर पर करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 57 केंद्रीय मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में इस कार्यक्रम में भागीदारी के लिए पहुंच गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिल्ली में ही मौजूद रहने की संभावना है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में योग दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। चूंकि उत्तर प्रदेश में निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए 10 केंद्रीय मंत्री इसी राज्य में योग दिवस के आयोजनों में मौजूद रहने वाले हैं।
आयुष मंत्रालय और 21 योग संस्थान आयोजक
सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि बाबा रामदेव का कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ का आयोजन था। केंद्र ने इस आयोजन के लिए कोई पैसा नहीं दिया। 21 जून हो योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन आयुष के सहयोग से 21 योग संस्थान कर रहे हैं। यानि मुख्य रूप से आयोजन का जिम्मा मंत्रालय का है। आयुष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस दूसरे वर्ष के आयोजन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें से करीब आधी राशि विज्ञापन, प्रचार अभियान और टीवी, अखबार, पत्रिकाएं, सोशल मीडिया आदि में विशेष कार्यक्रमों पर खर्च की जानी है।
सैकड़ों देशों में आयोजन
बड़ी जनभागीदारी में होने वाले योग अभ्यास कार्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए टी शर्ट, कैप, मैट आदि पर भी सरकार व्यय करेगी। यह आयोजन कई देशों में होना है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध 193 देशों में योग दिवस मनाया जाएगा। सिर्फ लीबिया और यमन में यह आयोजन नहीं होगा।
नजर उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव पर
आयोजन के 20 करोड़ के बजट में न तो सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला व्यय शामिल है न ही विभिन्न राज्य सरकारों का व्यय शामिल है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत हासिल जानकारी से पता चला कि आयुष ने पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर 32.5 करोड़ रुपये व्यय किए थे। इस साल इसका बजट कम रखा गया है लेकिन सरकार इसे बड़े व्यापक स्तर पर करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 57 केंद्रीय मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में इस कार्यक्रम में भागीदारी के लिए पहुंच गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिल्ली में ही मौजूद रहने की संभावना है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में योग दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। चूंकि उत्तर प्रदेश में निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए 10 केंद्रीय मंत्री इसी राज्य में योग दिवस के आयोजनों में मौजूद रहने वाले हैं।
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