बेंगलुरु:
अन्ना हजारे पक्ष के सहयोगी संतोष हेगड़े ने जन लोकपाल विधेयक की प्रमुख मांगों पर सहमति जताने के लिए संसद का आभार व्यक्त किया, लेकिन आगाह किया कि जनता को इसे चमत्कार नहीं समझना चाहिए, क्योंकि विधेयक बनने में समय लगेगा। वह इस मुद्दे पर संसद पर अधिक दबाव बनाने के भी खिलाफ हैं। लोकपाल की संयुक्त मसौदा समिति के सदस्य रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हेगड़े ने कहा, मुझे विश्वास है कि वे (संसद) जल्दी प्रभाव में लाने की जरूरत समझेंगे, जिनसे उनकी भी गरिमा बढ़ेगी। उन्होंने कहा, हमने मजबूत लोकपाल विधेयक के रास्ते में पहला मील का पत्थर हासिल कर लिया है और इसमें समय लग सकता है। आप इसकी उम्मीद आज, कल या अगले महीने पूरी हो जाए, ऐसा नहीं कह सकते। कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त हेगड़े ने कहा, भारत की जनता किसी चमत्कार की अपेक्षा नहीं करे। लेकिन हमने मजबूत लोकपाल विधेयक की बुनियाद रख दी है। उन्होंने कहा कि संसद ने कम से कम इस संबंध में भारत की जनता के लिए काम किया है। हो सकता है यह अन्ना के महान प्रयासों के कारण हो। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की भावनाओं को आगे भी समझते रहना चाहिए। हेगड़े का कहना था कि अब ध्यान चुनाव और राजनीति सुधार, काले धन पर रोक के अलावा कुछ रिपोटोर्ं को लागू करने पर होना चाहिए, जिनमें अवैध खनन पर कर्नाटक में उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट भी है।
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संतोष हेगड़े, जन लोकपाल बिल, अन्ना हजारे