यूपी में भी भारी बारिश का कहर, मथुरा में कई फीट भरे पानी में फंसे वाहन, परेशान हुए स्कूली बच्चे

मथुरा में सड़कों पर कई फीट पानी भरने के बीच जगह-जगह वाहन फंस गए. स्कूल जाने के पहले दिन तमाम बच्चे भी अभिभावकों के साथ परेशान रहे. ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी बारिश का कहर झेलना पड़ा. दिल्ली में भी करीब 6 घंटे की बरसात से जनजीवन बेहाल रहा. 

यूपी में भी भारी बारिश का कहर, मथुरा में कई फीट भरे पानी में फंसे वाहन, परेशान हुए स्कूली बच्चे

UP Rain : उत्तर प्रदेश के मथुरा, आगरा जैसे जिलों में भी तेज बरसात हुई

नई दिल्ली:

UP Heavy Rain : दिल्ली ही नहीं, उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को भारी बारिश (Heavy rain UP) का कहर देखने को मिला. नोएडा, ग्रेट नोएडा और गाजियाबाद जैसी एनसीआर (NCR) के इलाकों में भी कई घंटों बारिश देखने को मिली. यही नहीं मथुरा और आगरा में भी जोरदार बारिश से कई फीट पानी सड़कों पर भर गया. मथुरा में सड़कों पर कई फीट पानी भरने के बीच जगह-जगह वाहन फंस गए. स्कूल जाने के पहले दिन तमाम बच्चे भी अभिभावकों के साथ परेशान रहे. ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी बारिश का कहर झेलना पड़ा.

दिल्ली में भी करीब 6 घंटे की बरसात से जनजीवन बेहाल रहा. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR Heavy Rain) के ज्यादातर इलाकों में यह छोटी बड़ी कक्षाओं के स्कूल खुलने का यह पहला दिन था. लेकिन 6 घंटों की बारिश से दिल्ली और यूपी के तमाम इलाकों में सड़कों पर ही जलभराव की स्थिति नजर आई. घने बादलों के बीच तेज बारिश से कई इलाकों में अंधेरा हो गया.

दिल्ली में, मुनिरका, लोदी गार्डन मिंटो ब्रिज, आईटीओ समेत तमाम इलाकों में वाहन सुबह के वक्त रेंगते नजर आए. इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के आसपास भी तेज बारिश देखी गई. मौसम विज्ञान विभाग (Delhi Weather Update) का अनुमान है कि बिजली गरजने के साथ दिल्ली, हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश (UP Rain) , राजस्थान (Rajasthan) के तमाम इलाकों में बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है.

मौसम विभाग ने सितंबर के दौरान पूरे देश में बरसात सामान्य से अधिक (दीर्घावधि औसत (एलपीए) के >110 प्रतिशत) होने का अनुमान जताया है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र सतह तापमान ठंडा होने की प्रवृत्ति दिखा रहा है.

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मानसून ऋतु के अंत में या उसके बाद ला नीना की स्थिति फिर से उभरने की संभावना बढ़ गई है. चूंकि प्रशांत महासागर और हिंद महासागर पर समुद्री सतह तापमान की स्थिति भारतीय मानसून को प्रभावित करने के लिए जानी जाती हैं, विभाग इन महासागर द्रोणियों में समुद्र सतह स्थितियों के विकास की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहा है.