गुजरात : CM पद की दौड़ में ये 5 नाम, कोई किसान तो कोई रिटायर्ड प्रिंसिपल, कट्टर हिन्दुत्व समर्थक भी

Gujarat Political News: समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पार्टी के एक नेता ने कहा, "पटेल, फालदू, (पुरुषोत्तम) रूपाला और मंडाविया के नामों पर चर्चा हो रही है लेकिन यह कहना असंभव है कि मुख्यमंत्री कौन होगा क्योंकि फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे."

नई दिल्ली:

Gujarat Political Development:गुजरात (Gujarat) के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (Vijay Rupani) के इस्तीफे के बाद अब बीजेपी (BJP) विधायक दल की बैठक में आज नए नेता का चुनाव होगा. कथित तौर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के नामों पर  विचार किया जा रहा है. ये दोनों पटेल या पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. इनके अलावा गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और राज्य के कृषि मंत्री आरसी फालदू भी पटेल समुदाय से हैं. इनके नाम भी विजय रूपाणी के उत्तराधिकारी के रूप में चर्चा में हैं.

मनसुख मंडाविया
मंडाविया केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं. उन्हें जुलाई में ही राज्यमंत्री से प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है और स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साल 2016 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बतौर राज्यमंत्री शामिल किया गया था. वह 2012 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद 2018 में भी वह राज्यसभा के लिए चुने गए.

राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर मंडाविया अपनी पदयात्राओं के लिए जाने जाते हैं. 2002 में ये सबसे कम उम्र 28 साल में विधायक बने थे. विधायक बनने के बाद 2005 में इन्होंने 123 किलोमीटर लंबी पहली पदयात्रा की थी. इस दौरान मंडाविया ने लड़कियों की शिक्षा की वकालत करते हुए शैक्षिक रूप से पिछड़े 45 गांवों की पदयात्रा की थी. दूसरी बार उन्होंने 2007 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और व्यसन हटाओ का मूलमंत्र साथ लेकर 52 गांवों की 127 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की थी.

पटेल समुदाय से आने वाले मंडाविया सौराष्ट्र क्षेत्र के भावनगर जिले के पलिताना तालुक के हनोल गांव के निवासी हैं. उनका परिवार किसानी करता रहा है और मध्यमवर्गीय रहा है. 2011 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मंडाविया को गुजरात कृषि उद्योग निगम के अध्यक्ष बनाया गया था. 

पुरुषोत्तम रूपाला
रूपाला को भी जुलाई के मंत्रिपरिषद विस्तार में प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. पहले वो कृषि राज्यमंत्री थे. अभी ये केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री हैं. 66 साल के रूपाला भी पाटीदार समुदाय से आते हैं. 1980 के दशक में उन्होंने बीजेपी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. 1991 में वो अमरेली विधान सभा से विधायक चुने गए. वो तीन बार यहां से विधायक चुने जा चुके हैं.

राजनीति में आने से पहले रूपाला हाईस्कूल के प्रधानाचार्य रह चुके हैं. उन्होंने सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी से 1976 में बीएससी गुजरात विश्विवद्यालय से 1977 में बीएड किया है. फिलहाल वह 2016 से राज्यसभा के सांसद हैं. उनका जन्म 1 अक्टूबर 1954 को गुजरात के अमरेली में ईश्वरिया गांव में हुआ था. रूपाला खुद खेतीबाड़ी भी कर चुके हैं. 2014 में भी रूपाला का नाम नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में उभरा था लेकिन तब वो आनंदीबेन पटेल चूक गए थे.

नितिन पटेल 
कट्टर हिन्दुत्व की छवि वाले 65 साल के नितिन पटेल 5 अगस्त 2016 से गुजरात के उप मुख्यमंत्री हैं. पांच साल पहले भी उनका नाम सीएम पद की दौड़ में था लेकिन तब विजय रुपाणी ने बाजी मार ली थी. पटेल का जन्म महेसाणा जिले में 22 जून, 1956 को हुआ था. वह किशोरावस्था से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं. एक बार उन्होंने कहा था कि जब तक हिन्दू बहुमत में है तभी तक देश में संविधान, लोकतंत्र, कोर्ट-कचहरी वगैरह का वजूद है. इस पर काफी विवाद हुआ था.

उत्तरी गुजरात से आने वाले पटेल कड़वा पाटीदार-पटेल समुदाय से आते हैं. उन्हें जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है. तभी पार्टी ने पटेल आंदोलन के दौरान उन्हें बातचीत करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी. 1977 में कड़ी नगरपालिका से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पटेल 1990 में पहली बार विधायक चुने गए और 1995 में उन्हें पहली बार गुजारत में कैबिनेट मंत्री बनाया गया और स्वास्थ्य विभाग दिया गया. पटेल  बीकॉम की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर पारिवारिक व्यवसाय को संभालने लगे थे.

आरसी फालदू 
आरसी फालदू का पूरा नाम रणछोड़भाई छनभाई फालदू है और वो फिलहाल गुजरात के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री हैं.  किसान परिवार से आने वाले फालदू का जन्म 7 अगस्त 1957 को तत्कालीन बॉम्बे स्टेट (अब गुजरात) के जामनगर जिले के कलावड़ में हुआ था. फालदू अपने नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. फालदू कलावड़ से 1998 से लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं. वो दसवीं पास हैं.

प्रफुल्ल खोड़ा पटेल
इन नामों के अलावा पीएम मोदी के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता प्रफुल्ल खोड़ा पटेल के नाम की चर्चाएं भी तेज हैं. लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल हाल के दिनों में चर्चा में रहे हैं. उनके कुछ फैसलों पर वहां स्थानीय लोगों ने भारी नाराजगी जताई थी. अमित शाह की गैर मौजूदगी में पटेल गुजरात में मोदी सरकार में गृह मंत्री भी रह चुके हैं.  वह 2010 से 2012 तक इस पद पर रहे. 2012 में वह चुनाव हार गए थे. 2007 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता सीके पाटिल को हराया था. इनके पिता खोड़ाभाई पटेल से भी नरेंद्र मोदी का काफी निकटता रही है.


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