मोहाली:
क्रिकेट के साथ कूटनीति को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष यूसुफ रजा गिलानी के साथ व्यापक चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों को गतिशील बनाने के लिए हिंसामुक्त वातावरण की जरूरत बताई। विश्वकप क्रिकेट के सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच जोरदार मैच से इतर सिंह की तरफ से गिलानी के सम्मान में दिये गये रात्रिभोज के बाद विदेश सचिव निरुपमा राव ने संवाददाताओं को बताया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री भी सिंह की इन भावनाओं से सहमत थे। सिंह ने अपने मेहमान से कहा, हमें दोनों देशों की समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी पुराने बैरभाव को पीछे छोड़ना होगा। हममें डटे रहने की और उबरने की इच्छाशक्ति है। उन्होंने कहा, भारत और पाकिस्तान को परस्पर साझा समाधान तलाश करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। हमें गरिमा और सम्मान के साथ मिलकर रहने के लिए स्थाई सुलह की जरूरत है। निरुपमा ने सिंह की पहल को भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से मुलाकात शुरू होने की संज्ञा देते हुए कहा कि क्रिकेट मुकाबले ने इस बैठक के लिए आधार, माहौल और वजह बनाई। यह पूछे जाने पर कि क्या मुंबई आतंकी हमले के मुद्दे को बातचीत में दरकिनार कर दिया गया, राव ने कहा, कतई नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जोर दिया है कि हिंसा और तनाव से मुक्त माहौल होना चाहिए और दोनों देशों के गृह सचिवों की बैठक में इस बारे में विचार हुआ। राव ने कहा, हमने कहा है कि यह बहुत जरूरी है कि साक्ष्यों की भलीभांति जांच हो और जो जिम्मेदार हैं उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाए। मामले को उचित तरीके से निपटाया जाना चाहिए लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमने इस मामले को एक तरफ कर दिया है, दरकिनार किया है या ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कतई नहीं।